झूठी लूट की खुल गई पोल: पार्टनरशिप से अलग करने पर सबक सिखाने, ऑटो चालक पहुंचा विजय नगर थाने में 95 हजार रुपए लूट की शिकायत दर्ज कराने

झूठी लूट की खुल गई पोल: पार्टनरशिप से अलग करने पर सबक सिखाने, ऑटो चालक पहुंचा विजय नगर थाने में 95 हजार रुपए लूट की शिकायत दर्ज कराने


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  • To Teach A Lesson On Separating From The Partnership, The Auto Driver Has Reached The Vijay Nagar Police Station To Lodge A Complaint Of 95 Thousand Rupees.

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जबलपुर21 मिनट पहले

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विजय नगर थाने में लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा था ऑटो चालक।

  • विजय नगर थाने का मामला, पूछताछ के दौरान पुलिस ने पकड़ ली झूठ
  • झूठी लूट की शिकायत दर्ज कराने के प्रयास में ऑटो चालक पर ही दर्ज हो गय मामला

पार्टनरशिप से अलग करने की खीज में एक ऑटो चालक विजय नगर थाने में लूट की झूठी शिकायत दर्ज कराने पहुंचा गया। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल की तस्दीक की। आसपास के लोगों के बयान लिए। फरियादी से पूछताछ हुई तो उसकी झूठ सामने आ गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करने का मामला दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार विजय नगर थाने में कछियाना माेहल्ला बड़ी उखरी निवासी विजय कुमार कुशवाहा ने शिकायत दर्ज कराई कि वह अपना ऑटो लेकर 41 नंबर रोड से लटकारी का पड़ाव जा रहा था। दोस्त राकेश पटेल से पांच हजार रुपए लेने के लिए मुस्कान प्लाजा के पीछे खड़ा होकर इंतजार कर रहा था।
शिकायत दर्ज कराई थी कि पांच लोग पहुंचे मारपीट कर पैसे छीन ले गए
तभी तीन-पांच लोग पहुंचे और मारपीट कर उससे 95 हजार रुपए छीनकर फरार हो गए। आरोपियों में उसने सुरेंद्र केवट को पहचानने का दावा किया। पुलिस ने सुरेंद्र केवट को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने वारदात से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने फरियादी विजय कुमार कुशवाहा से पूछताछ की, तब सच सामने आया। विजय कुशवाहा ने बताया कि सुरेंद्र केवट को वह पांच सालों से जानता है। वह उसके ऑटो में क्लीनर का काम करता था।
सुरेंद्र को सबक सिखाना चाहता था
उसने 18 हजार रुपए उधार लिए थे, जो वापस नहीं कर रहा था। सुरेंद्र के साथ मिलकर उसने पार्टनरशिप में गन्ना लिया था। सुरेंद्र ने उसे पार्टनरशिप से हटाकर किसी और को साझेदार बना लिया। वह गन्ने की फसल काट रहा था। एक सप्ताह पहले उसने सुरेंद्र केवट को काम से निकाल दिया था। उसे सबक सिखाने के लिए लूट की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा था। इससे सुरेंद्र केवट जेल चला जाता और गन्ने की कटाई नहीं करवा पाता।

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