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- Unlawful Liquor Comes From UP In Police Vehicles Vehicles, Normal Incident Is Reported By District Administration And Police On Deaths Due To Poisonous Liquor
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भिंड15 मिनट पहले
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प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह शराब की बोतल दिखाते हुए जो अवैध रुप से गांव में बेची जाती हैं।
- भिंड जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने साधी चुप्पी।
- होली पर शराब पीने से लहार विधानसभा क्षेत्र में हुई थी पांच मौतें
- पूर्व मंत्री ने प्रेसवार्ता में लगाए कई गंभीर आरोप
लहार विधानसभा के असनेहट, जैतपुरा गांव में होली पर शराब पीने से पांच लोगों की मौत हुई। यह शराब अवैध तौर पर यूपी से आती है जोकि जहरीली थी। जिसे पीने से पहले मरने वालों को चक्कर आए। फिर मुंह से झाग निकला फिर उल्टी होने के बाद मौत हुई। यह जहरीली शराब रौन थाना और मिहोना थाना क्षेत्र में पदस्थ पुलिस वालों अपने वाहनों से आई थी। दो पुलिस वालों ने शराब माफियाओं को अपने वाहन किराए से दिए है। इस तरह से पुलिस की सांठगांठ क्षेत्र में यूपी से जहरीली शराब आ रही है। यह आरोप प्रेसवार्ता मेंं लहार विधायक डाॅ गोविंद सिंह ने लगाए।
प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री शराब माफियाओं के बारे में बताते हुए।
उन्होंने कहा कि ग्वालियर में शराब से दो मजदूरों की मौत हुई। यह मामले की जानकारी लगते ही ग्वालियर एसपी मौके पर पहुंचे और जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। वहीं, भिंड जिले में शराब से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। तीन लोगों की हालत गंभीर है। इसके बाद भी भिंड जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग का कोई भी बड़ा अफसर मौके पर नहीं पहुंचा।
पुलिस में पदस्थ नादर और त्यागी के वाहनों से आती है शराब
भिंड जिले का प्रशासन इन किसानों की मौत को सामान्य मौत बताकर मामले में टालमटोल कर रहा है। भिंड जिला प्रशासन की संवेदनाएं मर चुकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाए है कि रौन थाने में पदस्थ मनीराम नादर और भरत त्यागी शराब माफियाओं से मिले हैं। इन दोनों जवानों ने शराब माफियाओं को अपने वाहन किराए से दिए है जिन से उत्तर प्रदेश से शराब आती है।
पुलिस ने जबरन कराया अंतिम संस्कार
उन्होंने पुलिस पर तीखे हमले करते हुए कहा कि भिंड पुलिस इस पूरे मामले को दबाना चाहती है। शराब का अवैध कारोबार पुलिस के संरक्षण में चल रहा था। जब शराब पीने से क्षेत्र में मौत हुई तो पुलिस ने लोगों को डराया और धमकाया। मृतकों के परिजनों ने बाहर रह रहे परिवार के सदस्यों के आने के बाद अंतिम संस्कार की बात कही। मृतकों के परिजनों को पुलिस वालों ने डराते हुए कहा कि कोरोना का समय चल रहा है। बाहर से आने वालों को क्वारंटाइन कर दिया जाएगा। पुलिस ने ही मृतकों का पीएम नहीं होने दिया। पीएम हो भी जाता तो विसरा रिपोर्ट ही जांच के लिए नहीं भेजी जाती या बदल दी जाती। ऐसे में न्याय मिलना मुश्किल है।
बड़े शराब माफिया को छोड़कर छुटभइया को पकड़ रही पुलिस
उन्होंने कहा कि पुलिस ने मिहोना क्षेत्र के ग्राम बंथरी से एक युवक को उठाया है। पहले इस युवक से शराब स्वयं पुलिस ही बिकवाती थी। जब पुलिस पर दबाव बना तो उसे थाने में बुलाया। यह युवक थाने पहुंचा तो पुलिस ने तीन सौ क्वार्टर शराब के साथ पकड़े जाने का मामला बना दिया है। यह युवक छुटभइया है जबकि असली शराब माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
गांव वालों ने दी शराब की बोतल, पुलिस फेंककर चली आई
उन्होंने कहा कि गांव में शराब की जो बोतले मिली है। उन्हें गांव के लोगों ने पुलिस को दी है। पुलिस ने वह बोतले जांच में न लेकर फेंक दी है। यह शराब की बोतल देशी मसाला मदिरा के नाम से है। इस बाेतल को कलेक्टर से मुलाकात करके ज्ञापन के साथ दी जाएंगी।