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होशंगाबाद5 मिनट पहले
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- शहर को नंबर वन लाने के लिए नगरपालिका कर रही हर प्रयास
नगरपालिका अब डोर टू डोर गीला और सूखा कचरा उठाने के काम को बढ़ावा देगी। कचरे को घर से अलग-अलग उठाने के लिए कंपनी गाडियाें पर डिब्बे लगा रही है। इससे पब्लिक के साथ-साथ नपा को फायदा होगा। उन्हें कचरा अलग-अलग करने की जरूरत नहीं होगी। यहां बता दें कि अभी शहर में डोर टू डोर कचरा उठाने का काम की गाडि़याें में हरे रंग के डस्टबिन में सिर्फ किचन और गार्डन से संबंधित कचरा ही डाला जाएगा। इसमें सब्जियों और फलों के छिलके, बचा खाना, गले सड़े फल एवं सब्जियां और अन्य चींजे डाल सकते हैं। जबकि नीले रंग के डस्टबिन में प्लास्टिक का सामान, पेपर वेस्ट और अन्य ड्राइ वेस्ट डाला जाएगा।
इन तरह से समझे क्या किसमें डालना
- हरे डस्टबिन का इस्तेमाल गिरे हुए पत्ते पूजा की मालाएं किचन से निकलने वाली सब्जी फल की कतरन रसोई से बचा हुआ खाना सब्जी से बचे हुए छिलके। पक्का हुआ सड़ा हुआ भोजन अंडे के छिलके गोबर राख आदि जैविक कचरा।
- नीले डस्टबिन में प्लास्टिक पॉलीथिन कांच लकड़ी रेपर पुष्टा थर्माकोल पैकेट पॉलीथिन रबर प्लास्टिक की बोतल लोहे की केन आदि आदि भी कचरा शामिल किया जाता है।
- काले डस्टबिन घरेलू हानिकारक कचरे के लिए- बैटरी दवाई के पैकेट दूषित पट्टी पैड ड्रम ट्यूबलाइट पेड़ कैमिकल इत्यादि।
- सेनेटरी बेस्ट: पीला डस्टबिन में सेनेटरी पैड डायपर माक्स दस्ताने इस्तेमाल टिशू कटे हुए नाखून बैंडेज इस्तेमाल किया हुआ सीरीज इंजेक्शन कॉन्डम आदि।
- नपा ने एमआरएफ सेंटर में प्लास्टिक पॉलिथीन कांच रबड़ इलेक्ट्रॉनिक आइटम शादी के लिए अलग-अलग कंपाउंड में कचरा एकत्रित करने की व्यवस्था की है।
अंक के लिए बनाया स्लज ट्रीटमेंट प्लांट
सैप्टिक टैंक के मल के निपटान के लिए एफएसटीपी फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था की गई। जिसमें वैज्ञानिक तरीके से मल का निपटान किया जा रहा है। नपा में एफएसटीपी के माध्यम से शहर का मल ट्रीटमेंट करने का कार्य करने के बाद बचा हुआ पानी को सड़क धुलाई एवं खाद का उपयोग पार्कों में किया जाता है किया जा रहा है।
– सतीश यादव, स्वच्छता नाेडल अधिकारी