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- Mother nephew Died Due To Drowning In Badkhar Pond Of Satna District, Went To Bathe In The Pond In The Afternoon, Both Drowned In A Circle To Save Each Other
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सतना3 घंटे पहले
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बदखर के परशुराम तालाब में रेस्
- कोलगवां थाना क्षेत्र के बाबूपुर चौकी अंतर्गत बदखर का मामला
- गहराई ज्यादा होने से एक डूबा, दूसरा बचाने गया युवक भी डूबा
- एक बॉडी रिकवर, दूसरे का नहीं मिला शव
सतना शहर से महज पांच किमी. दूर सतना-सेमरिया मुख्य मार्ग से लगे बदखर तालाब में डूबने से दो युवाओं की मौत हो गई है। बताया गया कि कोलगवां थाना क्षेत्र के बाबूपुर चौकी अंतर्गत बदखर मामा-भांजे अपने एक रिस्तेदार से मिलने आए थे। जो दोपहर होने पर गर्मी के कारण परशुराम तालाब में नहाने की इच्छा जाहिर की। रिस्तेदार ने कहा कि आप नहा कर आए। तब तक मैं अपनी दुकानदारी कर लूं। कुछ देर बाद जब वह वापस नहीं लौटे तो रिस्तेदार तालाब के पास गया। जहां एक जूता तो दिखा बाकी कुछ नहीं दिख रहा था। ऐसे में रिस्तेदार ने आनन फानन में पुलिस सहित होमगार्ड के जवानों को सूचना दी। जानकारी के बाद कोलगवां थाना प्रभारी निरीक्षक डीपीएस चौहान होमगार्ड के गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंच गए। जहां रेस्क्यू कर एक घंटे बाद एक बॉडी रिकवर कर ली गई। जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार की सुबह 11 बजे मोनू सेन 30 वर्ष निवासी बिरसिंहपुर बधान टोला और मनोज सेन 25 वर्ष निवासी नई बस्ती अपने रिस्तेदार की दुकान देखने बदखर आए थे। जहां तीनों रिस्तेदार आपस में बातचीत किए। फिर दोपहर 1 बजे के आसपास मामा-भांजे ने परशुराम तालाब में नहाने चले गए। लेकिन नहाने से पहले दोनों ने सोचा चलो मुंह हाथ धो लिया जाए। अब घर में जाकर नहाएंगे। ऐसे में मामा तालाब की ओर झुका और डूबने लगा। ऐसे में भांजे ने बचाने की कोशिश की तो वह भी डूब गया।
शुक्रवार को स्टीमर से होगा रेस्क्यू
चौकी प्रभारी दिनेश सिंह बघेल ने बताया कि रेस्क्यू कर एक बॉडी रिकवर कर ली गई है। जबकि दूसरे का शव अभी तक नहीं मिला है। ऐसे में 7 बजने के बाद रेस्क्यू बंद कर दिया गया है। अब शुक्रवार की सुबह से स्टीमर आदि मंगाकर रेस्क्यू किया जाएगा। पुलिस की योजना है कि शुक्रवार को एसडीआरएफ की टीम स्टीमर के माध्यम से डूबे युवक को तलासेगी। साथ ही प्राइवेट गोताखोर तलाशे जा रहे है। वहीं अगर कामयाबी नहीं मिलती तो एनडीआरएफ जबलपुर और बनारस से संपर्क किया जाएगा।
अवैध उत्खनन के तालाब ने ली बलि
बता दें कि परशुराम तालाब में इतना ज्यादा उत्खनन हुआ है कि पुलिस को अभास ही नहीं है कि कितनी गहराई है। सूत्रों का दावा है कि बाईपास बनाने वाली कंपनी ने यहां बहुत ज्यादा खनन किया था। ऐसे में तालाब की 50 से 60 फिट गहराई है। जिससे कोई भी गोताखोर गहराई में डूबकर रेस्क्यू नहीं कर पा रहा है।