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रीवा8 मिनट पहले
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- विंध्य की गायिका मणि माला सिंह के जन्मदिवस व पुस्तक विमोचन का रखा गया था कार्यक्रम
- भाजपा नेता ही नहीं मान रहे अपनी सरकार का कहना, मास्क न सोशल डिस्टेंसिग, नहीं रखी थी थर्मल स्क्रीनिंग मशीन
- कलेक्टर ने जांच के लिए तहसीलदार को भेजा मौके पर, फिर रीवा शहर की अमहिया पुलिस ने दर्ज किया मामला
रीवा शहर के स्वयंवर मैरिज गार्डेन में बीती रात लॉकडाउन के तहत लगी धारा 144 के बावजूद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बताया गया कि आयोजक हीरेन्द्र प्रताप सिंह मझियार हाउस ने विंध्य की गायिका मणि माला सिंह के जन्मदिन पर पुस्तक विमोचन का कार्यक्रम रखा गया था। जहां पर न तो जिला प्रशासन से अनुमति ली गई। ऊपर से 50 की जगह 300 लोग कार्यक्रम में शिरकत किए। साथ ही भाजपा के सेमरिया विधायक केपी त्रिपाठी और सिरमौर विधायक दिव्य राज सिंह मंचासीन रहे।
जैसे ही शनिवार की रात 10 बजे कलेक्टर इलैया राजा टी और एसपी राकेश सिंह को कार्यक्रम की जानकारी मिली तो तहसीलदार को मौके पर भेजा। रंगारंग कार्यक्रम में जब तहसीलदार पहुंचे तो कई लोग बिना मास्क के दिखे। उपर से सोशल डिस्टेंसिंग के निमयों को तार तार किया गया। स्वयंवर मैरिज गार्डेन के मालिक व भाजपा नेता ने न पैलेस में कोरोना डाइड लाइन के नियमों का पालन कराया न थर्मल स्क्रीनिंग तक की व्यवस्था की। ऐसे में एसपी के निर्देश पर अमहिया थाना प्रभारी उप निरीक्षक शिवा अग्रवाल ने कार्यक्रम आयोजक हीरेन्द्र प्रताप सिंह पर धारा 188 महामारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही एसपी ने कहा है कि पैलेस संचालक के उपर भी मामला दर्ज किया जाएगा।
ऐसे लगी कार्यक्रम की भनक
सबसे पहले आम आदमी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रमोद शर्मा को स्वयंबर हाल के कार्यक्रम की भनक लगी। उन्होंने तत्काल ही धारा 144 के उल्लंघन की जानकारी जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। वहीं प्रमोद शर्मा ने मीडिया को बताया कि ये बहुत ही शर्मनाक हरकत है। रीवा सहित संपूर्ण विश्व कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से जूझ रहा है। जहां विगत एक सप्ताह के अंदर रीवा जिले में कोरोना के मरीज 500 के उपर पहुंच चुके है। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन लगाया। उसके बाद भी शहर के विवाह घर में बीजेपी पार्टी के दो दो विधायकों की मौजूदगी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो कि बेहद ही निंदनीय है। जब स्वयंबर हॉल के सांस्कृतिक कार्यक्रम की जानकारी हुई तो मुझे आश्चर्य हो गया।
सत्ता के नशे में सवार रीवा के विधायक
आरोप है कि पूरा देश प्रदेश कोरोना की महामारी से कराह रहा है। लेकिन सत्ता के नशे में सवार रीवा जिले के विधायकों की मानवता खत्म हो गई है। जबकि इन विधायकों को कार्यक्रम में जाना ही नहीं चाहिए था। साथ ही आयोजकों से अपील करनी थी कि लॉकडाउन में इस तरह का वृहत कार्यक्रम न करें। अगर चले भी गए तो आयोजकों से कोरोना गाइड लाइन का पालन कराना चाहिए था। लेकिन कार्यक्रम की शुरुआत से लेकर अंत तक किसी की मानवता नहीं जागी।
जिला प्रशासन ने आयोजकों को दिखाया आईना
जिला प्रशासन को जैसे ही पूरे मामले की भनक लगी तो तहसीलदार सहित अमहिया थाने के पुलिस बल को मौके पर भेज कर कार्यक्रम रोकवाना पड़ा। जहां पुलिस ने खानापूर्ति करते हुए सिर्फ आयोजनक हीरेन्द्र सिंह के खिलाफ महामारी अधिनियम की धारा 188 के तहत प्रकरण कायम किया। बाकी लोगों को छोड़ दिया गया। जबकि इस पूरे मामले में कार्यक्रम में मौजूद रहे दोनों विधायकों सहित हर आदमी पर मामला दर्ज होना चाहिए था। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। हालांकि मीडिया के सामने एसपी ने पैलेस संचालक के खिलाफ मामला बढ़ाने की बात कही है।