दमोह के दंगल में दांवपेच: जीत के लिए भाजपा ने खेला जयंत कॉर्ड, सभाएं करने पूर्व मंत्री मलैया को दिया हेलीकॉप्टर, बेटे सिद्धार्थ को सौंपी नगरीय क्षेत्र के चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

दमोह के दंगल में दांवपेच: जीत के लिए भाजपा ने खेला जयंत कॉर्ड, सभाएं करने पूर्व मंत्री मलैया को दिया हेलीकॉप्टर, बेटे सिद्धार्थ को सौंपी नगरीय क्षेत्र के चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

दमोहएक मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

दमोह विधानसभा-55 का उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए साख का चुनाव बन गया है। दोनों ही पार्टियों ने जीत के लिए दांवपेच लगाना शुरू कर दिए हैं। मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए दमोह में अच्छी पकड़ रखने वाले नेताओं को मैदान में उतारा जा रहा है। इसी बीच भाजपा ने जीत के लिए जयंत कॉर्ड खेला है। चुनावी सभाएं करने के लिए पार्टी ने उन्हें हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराया। वहीं बेटे सिद्धार्थ मलैया को नगरीय क्षेत्र के चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही पूर्व मंत्री पिता जंयत मलैया और बेटे सिद्धार्थ मलैया का वीडियो जारी कर मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट करने की अपील की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा मतदाताओं को यह साफ मैसेज देना चाहती है कि मलैया परिवार भाजपा के साथ है और पार्टी की जीत दिलाने के लिए मैदान में खड़ा है। जबकि राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो दमोह उपचुनाव में पूर्व मंत्री जयंत मलैया टिकट के दावेदार थे। लेकिन पार्टी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए राहुल सिंह पर भरोसा जताया। इसी के चलते जयंत मलैया के समर्थकों में नाराजगी है। समर्थकों की यह नाराजगी पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए भाजपा मलैया परिवार को हाथों पर ले रही है। साथ ही सभाओं में मुख्यमंत्री स्वयं बार-बार मलैया का नाम लेकर मतदाताओं को मैसेज दे रहे है कि वह भाजपा के साथ है। इन सब दांवपेच के बीच राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा को भीतरघात का डर बना हुआ है। दमोह विधानसभा उपचुनाव में 17 अप्रैल को मतदान होना है। इसके पहले पार्टियां मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए जुटी है।

समाज की बैठकों को प्राथमिकता, सभाओं में रिझाने की कोशिश

चुनाव प्रचार के दौरान दोनों ही पार्टियों ने अपनी रणनीति बदली है। कांग्रेस हो या फिर भाजपा मतदान की तारीख नजदीक आते देख अब समाजों को साधने में जुट गई है। अलग-अलग समाजों में अपनी अच्छी पकड़ रखने वाले नेता समाजों की बैठक बुलाकर उन्हें अपने पक्ष में मतदान करने की बात कह रहे हैं। वहीं स्टार प्रचारक कद्दावर नेता जयंत मलैया की सभाएं कराई जा रही हैं। क्योंकि दमोह विस क्षेत्र में उनका दबदबा है।

समाजों के बीच पहुंचेंगे सीएम

चुनाव के चलते सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दमोह पहुंचे हैं। वह दिनभर यहां रहेंगे और समाजों के बीच पहुंचकर अपने पक्ष में मतदान की अपील करेंगे। सीएम के कार्यक्रम के अनुसार वह दोपहर 12 बजे दमोह के बांदकपुर पहुंचे। जहां उन्होंने भगवान जागेश्वर नाथ मंदिर में दर्शन कर पूजा की। इसके बाद वह दोपहर 2.30 बजे से रात 9 बजे रजक समाज का कार्यक्रम, मसीही समाज सम्मेलन, अनुसूचित जाति मोर्चा सम्मेलन, कर्मकांडी पंडितों की बैठक, सिंधी समाज का सम्मेलन, स्वर्णकार समाज सम्मेलन समेत अन्य कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। सीएम के कार्यक्रम से स्पष्ट है कि पार्टी ने अब समाजों को साधने को प्रयास शुरू कर दिया है।

कांग्रेस को साध्वी रामसिया भारती पर भरोसा

इधर, दमोह उपचुनाव में जीत के लिए कांग्रेस भी हर दांव आजमाने की तैयारी में है। कांग्रेस पार्टी ने स्टार प्रचारकों में कथा वाचक साध्वी रामसिया भारती का नाम शामिल किया है। पार्टी राम नाम का जाप करने की तैयारी कर रही है। वहीं साध्वी रामसिया की राजनीतिक क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। ऐसे में स्टार प्रचारक के रूप में उनके प्रचार करने से कांग्रेस को फायदा हो सकता है। हालांकि यह तो मतदान के बाद परिणाम आने पर ही पता चलेगा।

खबरें और भी हैं…



Source link