पैसेंजर व्हीकल की सेल में गिरावट हुई.
केंद्र सरकार ने हालंही में ऑटो सेक्टर मे तेजी लाने के लिए स्क्रैपिंग पॉलिसी लागू की है. जिसमें 20 साल पुराने प्राइवेट और 15 साल पुरान कामर्शियल वाहन का संचालन नहीं किया जाएगा.
कोरोना महामारी की वजह से आई गिरावट – सिआम ने बताया कि इसी तरह कुल टू-व्हीलर व्हीकल की बिक्री समीक्षाधीन अवधि में 13.9 प्रतिशत घटकर 1,51,19,387 यूनिट रह गई, जो इससे पिछले साल 1,74,16,433 यूनिट थी. समीक्षाधीन अवधि में कुल वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 20.77 प्रतिशत घटकर 5,68,559 इकाई रह गई.
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इसी तरह तिपहिया वाहनों की बिक्री में 66.06 प्रतिशत की गिरावट हुई. सियाम के अध्यक्ष केनिची आयुकावा ने कहा कि गहरी संरचनात्मक मंदी से पहले ही जूझ रहे उद्योग को कोविड-19 के प्रकोप से भी नुकसान उठाना पड़ा, जिससे वाहन सेगमेंट कई साल पीछे चला गया है. यहां से सुधार के लिए सभी हितधारकों के प्रयासों और वक्त की जरूरत होगी.यह भी पढ़ें: 7,999 रुपये के डाउन पेमेंट पर घर लाए TVS XL 100, कीमत इतनी की जानकर होंगे हैरान
ऑटो सेक्टर में तेजी के लिए लागू हुई स्क्रैपिंग पॉलिसी – केंद्र सरकार ने हालंही में ऑटो सेक्टर मे तेजी लाने के लिए स्क्रैपिंग पॉलिसी लागू की है. जिसमें 20 साल पुराने प्राइवेट और 15 साल पुरान कामर्शियल वाहन का संचालन नहीं किया जाएगा. वहीं सरकार ने 8 साल पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स लाने की भी घोषणा की है. जिसके पैसे को पर्यावरण संरक्षण पर खर्च किया जाएगा.