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- Fetch Money Blown From Bank Account Of People From All Over The Country Including MP, Bhind Police Reaches Thugs Gang, Police Will Soon Reveal, Two Accused Arrested
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भिंडएक मिनट पहले
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इमेज गूगल- साभार।
- ऑनलाइन ठगी के कारोबार में बदमाश का साथ दे रहे थे सास, ससुर, पत्नी और साला।
- तीन महीने के अंदर बैंक अकाउंट से लोगों को सात लाख से अधिक का लगाया चूना।
भिंड पुलिस के हाथों एक ऐसा ठग गिरोह लगा है जो देश के अलग-अलग प्रांतों के लोगों को बैंक ऑनलाइन अकाउंट से ठगी कर रहा था। इस ठग गिरोह ने भिंड जिले के भी कई लोगों को झांसे में लेकर बैंक अकाउंट से लाखों रुपए पार किए। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने जब पड़ताल की तो कई चौकाने वाले किस्से सामने आए। हालांकि इस मामले में भिंड पुलिस मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच सकी। परंतु इस बदमाश ने ठगी कारोबार में अपने ससुर, पत्नी, सास और साले के बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर किए। भिंड पुलिस ने इसी आधार पर ससुर और पत्नी को दबोच लिया है। पुलिस को मुख्य आरोपी की तलाश है। इस मामले का खुलासा जल्द ही भिंड पुलिस सबूतों के साथ करने जा रही है।
पेश है दैनिक भास्कर की यह पड़ताल-
मध्य प्रदेश के गुना जिला का एक युवक लंबे समय से बेरोजगार था और नौकरी के लिए भटकता था। करीब एक साल पहले उसे झारखंड के जामताड़ा जिले की होटल में छोटी सी नौकरी मिली। यह युवक, गुना से जामताड़ा पहुंचा। यहां उसके संपर्क में देश के वे बड़े गिरोह आए जो कि ऑनलाइन ठगी का कारोबार जमाए बैठे हैं। यह युवक, इन ठगाें की शान शौकत और रहन-सहन से काफी प्रभावित हुआ और दोस्ती गांठ बैठा। फिर जामताड़ा के इन ठगों से बैंक अकाउंट से ऑनलाइन ठगी की विद्या सीखी। इस तरह पिछले तीन महीने में इस युवक ने अपनी सास, ससुर, पत्नी और साले के अकाउंट सात से साढ़े सात लाख रुपए ट्रांसफर करके लोगों को लाखों का चूना लगाया। इस पूरे मामले में अब तक पुलिस, मुख्य आरोपी का सहयोग करने वाले परिवार के सदस्यों को पकड़ चुकी है। हालांकि मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है।
पहले खुद सीख फिर परिवार को किया शामिल
पुलिस विभाग के सूत्र बताते है कि इस ठगी के कारोबार में उसके ससुर, सास, पत्नी व साल भी फोन करके लोगों को फंसाता था। वे पूरा सहयोग कर रहे थे। बताया जाता है कि पहले यह युवक ने पूरा कारोबार खुद सीखा फिर अपने परिवार काे भी शामिल कर लिया।
ऐसे लोगों को फंसाता था ठगी के जाल में
- हैलो सर, मैं आपकी बैंक से बोल रहा हूं। आपके अकाउंट से धोखे से किसी दूसरे के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर हो गए। आप के पास अभी एक ओटीपी आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएगी कृपया उसे बताएं।
यह बदमाश बैंक अधिकारी बनकर मोबाइल पर एक ऐसा मैसेज भेजता था जोकि असली जैसा होता था जिसमें बैंक अकाउंट से पैसा ट्रांसफर होने की जानकारी होती थी।
- दूसरे चरण में व्यक्ति का अकाउंट को सर्वर पर लेता था। जैसे ही बैंक का ग्राहक मोबाइल पर आने वाले ओटीपी की जानकारी ठग को देता था वैसे ही अकाउंट से पैसा निकल जाते थे।
इसके बाद पैसा वापस आने का इंतजार कुछ देर तक बैंक ग्राहक करता था। जब अकाउंट से निकला पैसा नहीं आता था तो वे ठग के नंबर पर संपर्क करते लेकिन मोबाइल नंबर बंद मिलता। तभी लोग स्वयं के साथ होने वाली बैंक अकाउंट ठगी के समझ जाते थे। इसके बाद वे पुलिस व बैंक अधिकारी से संपर्क करके अपनी शिकायत दर्ज कराते थे।
साइबर क्राइम के लिए बदनाम है जामताड़ा
जामताड़ा ने साइबर अपराध के लिए पूरे देश में बदमाना हो चुका है। इस पर वेब सीरीज भी बनाई जा चुकी है जिसने खूब सुर्खियां बटोरी। झारखंड के इस छोटे से शहर से ज्यादातर साइबर फ्रॉड के मामले सामने आते थे। जामताड़ा का एक शातिर ठग पढ़ा लिखा नहीं होने के बावजूद लाखों लोगों को अपना शिकार बना लेता। यह बैठे ठगों का गिरोह इतनी सफाई से अपने काम को अंजाम देते है कि किसी को भनक तक नहीं लगी थी। इन ठगों के शिकंजे में आईपीएस, आईएएस, व्यापारी, नेता भी फंस चुके हैं।
पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता
भिंड पुलिस के आला अफसरों ने दैनिक भास्कर को नाम न लिखे जाने की शर्त पर बताया कि जामताड़ा में बैठकर मध्य प्रदेश के लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले इस गिरोह के सदस्यों को दबोच लिया है। इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपी के ससुर और पत्नी को उठा लाई है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेगी।