14 दिन में 293 मौतें: सरकारी आंकड़े में सिर्फ 27 मौतें, चौहानी शमशान घाट में जलती चिताओं को आंकड़ों से झुठलाने पर तुला है प्रशासन

14 दिन में 293 मौतें: सरकारी आंकड़े में सिर्फ 27 मौतें, चौहानी शमशान घाट में जलती चिताओं को आंकड़ों से झुठलाने पर तुला है प्रशासन


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जबलपुर15 मिनट पहले

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मौत के आंकड़े।

  • पूर्व महापौर की मां व एमपईबी के अधिकारी की चाची सहित एक दिन में 50 संक्रमितों की मौत से हाहाकार, लाशें रखने की नहीं थी जगह

चौहानी शमशान घाट में बुधवार का नजारा सन्न कर देने वाला था। कोरोना संक्रमण को हल्के में लेने वालों के लिए एक सबक है। पूर्व महापौर सदानंद गोडबोले की मां सहित 42 शव जलाए गए। चार मेडिकल में, एक घर में और तीन शव निजी अस्पतालों में वेटिंग में पड़े हैं। रात होने और जगह की कमी के चलते अब गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार हुआ। अप्रैल के 14 दिनों में जिले में 293 संक्रमित लाशें चौहानी शमशान घाट में जली हैं। सस्पेक्टेड आंकड़ा इससे अलग है। इसमें 30 प्रतिशत संख्या जबलपुर जिले और शेष आसपास के हैं।

जानकारी के अनुसार प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले में 13 अप्रैल तक कुल 27 मौतें ही हुई हैं। सबसे अधिक पांच मौतें मंगलवार को हुई है। जबकि 13 दिनों में कुल संक्रमितों की संख्या 4,394 पहुंच चुकी है। संक्रमण की ये संख्या इस कारण भी डराने वाली है कि कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या 2,404 है, जो आधे से कुछ ही अधिक है। ये सरकारी आंकड़ा है। जबकि हकीकत में इससे उलट है।
सितंबर 2020 की तुलना में अधिक भयावह है तस्वीर
जिले में अप्रैल में कोरोना के हालात सितंबर 2020 की तुलना में अधिक भयावह है। आलम ये है कि महज 12 दिनों में तीन गुणा अधिक संक्रमित सामने आने लगे। सितंबर में सबसे अधिक 5793 केस आए थे। तब 67 मौतें हुई थी। उस समय एक्टिव केस 1278 थे। जबकि वर्तमान में एक्टिव केस 3549 हो चुका है। ये आंकड़ा इस कारण भी डराने वाली है कि मार्च में 2527 केस सामने आए थे। जबकि इस बार 13 दिन में ही आंकड़ा 4300 को पार कर गई है।
चौहानी शमशान घाट में जगह की कमी लाश जलाने के लिए घंटों का इंतजार
चौहानी शमशान घाट में लाश जलाने के लिए जगह की कमी पड़ गई है। प्रशासन की ओर से दावा किया गया था कि तिलवारा घाट में संक्रमितों की लाश जलाई जाएगी, लेकिन बुधवार को इस पर अमल नहीं हो पाया। बुधवार को चौहानी शमशान घाट में लाशों को रखकर घंटों इंतजार करना पड़ा। एक लाश जलाने और उसे ठंडा होने में सात से आठ घंटे लगते हैं।

फिर उसकी अस्थियां अगले दिन तक उठती है। ऐसे में जगह की कमी पड़ जा रही है। मोक्ष संस्था के आशीष ठाकुर के मुताबिक लगातार प्रशासन से एक और शमशान घाट में कोरोना संक्रमित के अंतित संस्कार कराने की गुहार लगाई जा रही है। पर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया।

चौहानी शमशान घाट में लाशों की ढेर लग गई।

चौहानी शमशान घाट में लाशों की ढेर लग गई।

जिले में 2020 में सितंबर कोरोना का सबसे पीक महीना था। इस वर्ष अप्रैल सबसे पीक पर चल रहा है

  • सितंबर 2020 में कुल संक्रमित 5791 सामने आए थे और 69 की मौत हुई थी
  • जनवरी 2021 में कुल संक्रमित 730 सामने आए थे। वहीं 9 की मौत हुई थी।
  • फरवरी 2021 कुल संक्रमित 382 सामने आए और 01 की मौत हुई।
  • मार्च 2021 में कुल संक्रमित 2527 सामने आए और 15 की मौत हुई।
  • 13 अप्रैल 2021 तक 4394 केस आए और 27 मौत की मौत हुई

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