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भिंड3 मिनट पहले
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चंबल पुल पर निकलते वाहन।
- ऐसे तो कोरोना फैलेगा।
कोरोना वायरस के बढ़ते कदमों के साथ ही लोगों की घर वापसी होने लगी है। ऐसे में भिंड जिले की सीमा से इटावा जिले, उत्तर प्रदेश की सीमा पर लोग आसानी से आ जा रहे हैं। इन लोगों की स्क्रीनिंग को लेकर घोर लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे में कोरोना वायरस से संक्रमित लोग भी बिना रोक – टोक के आ जा रहे हैं। ऐसे लोगों की स्क्रीनिंग करके चिह्नित नहीं किया जा रहा है। जिले की सीमा पर दूसरे प्रांतों से आने वालों के लिए चेकिंग प्वाइंट तक नहीं है।
भिंड-इटावा सीमा अर्थात बरही का चंबल घाट, यहां बीते साल कोरोना की दस्तक के साथ ही स्क्रीनिंग को चालू कर दिया गया था। यहां की व्यवस्था को देखने के लिए भास्कर टीम पहुंची। यहां लोगों बड़ी आसानी से बस, ऑटो, निजी वाहन व बाइक से आ जा रहे हैं। बॉर्डर को पार करते समय कई लोगों के चेहरे पर मास्क तक नहीं थे। बॉर्डर के आस पास होटल, ढाबा संचालकों से बातचीत की। इन लोगों के मन में कोरोना को लेकर भय है। यहां के लोगाें का कहना है कि बीमारी इस तरह फैल रही है। फिर भी स्क्रीनिंग क्यों नहीं की जा रही है।
भिंड से इटावा सीमा में प्रवेश करती हुई सवारियों से भरी बस।
शहर से लेकर सीमा तक प्रशासन की अनदेखी
सबसे खास बात यह है कि भिंड शहर की मुख्य सड़कों से लेकर बॉर्डर तक जिला प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। लोग दूसरे प्रांतों से आकर चुपचाप घरों में दुबक कर बैठ रहे है। जिले के वरिष्ठ अफसरों से बातचीत करने पर उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति बाहर से आकर घर में रहता है। ऐसे व्यक्ति को दस दिन तक होम आइसोलेशन में रहना होता है। फीवर क्लीनिक पर पहुंचकर जांच करानी होती है। यह सब पर निगरानी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पटवारी सहित अन्य कर्मचारी को तैनात किया गया।
पॉजिटिव मरीज के परिजन घूम रहे बाजारों में
सबसे ज्यादा लापवाही इस बात को लेकर है कि जिले में 97 मरीज कोरोना पॉजिटिव है। जिसमें 70 से अधिक मरीजों को होम आइसोलेट स्वास्थ्य विभाग ने कर रखा है। ऐसे मरीजाें की जानकारी जिला प्रशासन को दी जा चुकी है। ऐसे लाेगों को कहने के लिए माइक्रो क्वॉरेंटाइन किया जा रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि इन मरीजों के परिजन भी घर से बाहर आ जाकर बाजार में खरीदारी कर रहे हैं। इससे लोगों के बीच संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।
जहां चेकिंग प्वाइंट बनाया जाना है वहां उल्टा पड़ा बेरीगेट़स।
राहगीर प्रिंस चौहान से भास्कर टीम ने की बातचीत
सवाल- आप कहां से आ रहे हो?
जवाब- मैं यूपी के इटावा से शहर से आ रहा हूं।
सवाल- कहां जा रहे हो?
जवाब- मैं भिंड जा रहा हूं।
सवाल- इटावा से एमपी सीमा में प्रवेश कर गए हो कई कोई रोका-टोकी हुई?
जवाब- नहीं, कही कोई रोकाटोकी नहीं हुई।
सवाल- कोई स्क्रीनिंग एमपी व यूपी के बीच नहीं हुई?
जवाब- नहीं।
सवाल- आपको नहीं लगता ऐसे कोरोना एक स्टेट से दूसरे स्टेट में फैलेगा?
जवाब- जरूर फैलेगा। स्क्रीनिंग होनी चाहिए।
बॉर्डर पर दुकानदार से बातचीत
बरही निवासी अनीष् राजावत ने बताया कि अब तक यहां कोई स्क्रीनिंग शुरु नहीं हुई। ना ही कोई अधिकारी जांच के लिए आया। लोग आसानी से आ जा सकते हैं।
अफसरों की भी सुने
कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस का कहना है कि जिले के अंदर अन्य प्रांत के लोगों की निगरानी के लिए राजस्व व अन्य विभागों के कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी है। होम आइसोलेशन में जो मरीज है। ऐसे लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।
एसपी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि बॉर्डर पर चेकिंग प्वॉइंट लगाया जाएगा। यहां आने वाले लोगों की जानकारी रखी जाएगी। यह जिम्मेदारी थाना स्तर पर दी जा रही है।