वोटिंग से पहले दमोह सीट की ग्राउंड रिपोर्ट: मलैया को मनाकर मुकाबले में लौटी BJP, उमा की उम्मीदवारी से लोधी वोट बंटने का खतरा

वोटिंग से पहले दमोह सीट की ग्राउंड रिपोर्ट: मलैया को मनाकर मुकाबले में लौटी BJP, उमा की उम्मीदवारी से लोधी वोट बंटने का खतरा


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दमोह/जितेंद्र तिवारी6 घंटे पहले

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दमोह में कांग्रेस से भाजपा में आए राहुलसिंह लोधी के लिए पूर्व मंत्री जयंत मलैया को साधकर आखिरी मौके पर BJP मुकाबले में लौट आई है। इसके बावजूद राहुल सिंह की राह आसान नहीं है। अंदरखाने भाजपा का ही एक खेमा बिकाऊ vs टिकाऊ के मुद्दे को हवा दे रहा है। अब लोधी वोट बंटने का भी खतरा पैदा हो गया है। उसकी वजह भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की उमासिंह लोधी की सभाओं में पहुंची भीड़ है। कांग्रेस के उम्मीदवार अजय टंडन इसे भुनाने में जुट गए हैं।

कोरोनाकाल में उपचुनाव को लेकर हर तरफ चर्चा है लेकिन शिवराजसिंह चौहान के सामने तख्तियां दिखाने का मुद्दा सबसे बड़ी सुर्खियां बना। भाजपा ने इसे विरोधियों का षड़यंत्र बताया तो कांग्रेसी इसे जनता की आवाज बता रहे हैं। 2018 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट से जीत चुके भाजपा प्रत्याशी राहुलसिंह की कमजोरी को टंडन अच्छे से जानते हैं। वे इसका फायदा उठाने की कोशिश में जुटे हैं लेकिन भाजपा ने जयंत मलैया, भूपेंद्र सिंह, सिद्धार्थ मलैया के साथ तमाम मंत्रियों को उतार रखा है। ऐसे में टंडन की राह इतनी आसान नहीं है।

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दो बार हार चुके इसलिए सिम्पैथी कार्ड खेला टंडन ने

कांग्रेस के अजय टंडन 67 साल के हो गए और दो बार 1998, 2003 में जयंत मलैया के सामने चुनाव हार चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस सिम्पैथी कार्ड खेलने से भी नहीं चूक रही है। टंडर के पिता चंद्रनारायण टंडन विधायक रह चुके हैं।

केवल 798 वोटों से जीते थे राहुल

राजनीतिक जानकारों की मानें तो 2018 के चुनाव में कांग्रेस से विस चुनाव लड़ते हुए राहुल सिंह लोधी ने भाजपा के प्रत्याशी जयंत मलैया को केवल 798 वोटों से हराया था। जयंत मलैया समर्थक आज भी इस कड़वे घूंट को गले से नहीं उतार पाए हैं और चुनाव में देर-सवेर इसकी झलक दिख भी रही है।

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