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खंडवाएक मिनट पहले
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- आइसोलेशन वार्ड से रात 9 बजे तक एक दर्जन से अधिक मरीजों को किया डिस्चार्ज
जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में मेडिकल कॉलेज डीन ने कोरोना के पॉजिटिव व संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने से मना कर दिया। इसके कारण निजी हॉस्पिटल से रैफर मरीज आइसोलेशन वार्ड के बाहर जमीन पर तड़पते नजर आए। निजी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन न होने के कारण रैफर मरीजों को भर्ती करने के लिए परिजनों द्वारा आग्रह के बावजूद स्टाफ ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। स्टाफ ने परिजनों से कहां यहां पर ऑक्सीजन के बेड नहीं है। आप मरीज को कहीं और ले जाओ। ऐसा डीन सर का आदेश है। हालांकि रात 10 बजे एक साथ एक दर्जन से ज्यादा मरीजों को वार्ड से डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर नए मरीजों को भर्ती किया। छनेरा निवासी देवीसिंह नागौरे की बेटा संदीप नागौरे ने बताया स्टाफ ने कहा यहां पर बेड की व्यवस्था नहीं है। घर पर ले जाओ। वहीं पंधाना निवासी मरीज सुमनबाई के बेटे राजू गंगराडे ने बताया चार बजे से यहां पर है। दो निजी हॉस्पिटल घूमकर आ गए, लेकिन ऑक्सीजन नहीं होने के कारण उन्होंने सरकारी अस्पताल में भर्ती के लिए रैफर कर दिया। मैंने लिखकर दिया कि मेरी जवाबदारी रहेगी फिर भी भर्ती नहीं कर रहे हैं।
और इधर, बीमार हुए व्यक्ति को पत्नी और बेटा स्ट्रेचर पर लेकर भटकते रहे
खंडवा | वैक्सीन लगाने के चार दिन बाद जावर के राजेश गुप्ता तबीयत बिगड़ने पर पत्नी छाया गुप्ता व बेटा हिमांशु गुप्ता उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां जांच के बाद कोविड सेंटर भर्ती कराने पहुंचे। मुख्य गेट पर लगी भीड़ और विवाद देख उन्होंने अपने मरीज को वापस ले जाना ही बेहतर समझा। उनका बेटा हिमांशु स्ट्रेचर धका रहा था। कोविड सेंटर से सुलभ शौचालय तक दो बार चक्कर लगाए। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि निजी अस्पताल ले जाए या फिर सरकारी में ही भर्ती करें। स्ट्रेचर पर पिता को लेकर भटकते देख। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने हिमांशु से कहा ऐसी हालत में आपको इधर-उधर भटकने से बेहतर है कि वार्ड में भर्ती करवा दो। लोगों की बात सुन हिमांशु ने कहा कोविड सेंटर के बाहर मैंने अपनी आंखों से देखा और सुना कि लोगों का इलाज नहीं हो रहा। मरीज खिड़की पर आकर बाहर निकालने का बोल रहे हैं तो फिर मैं अपने पिता को कैसे वहां भर्ती कर सकता हूं। लोगों ने कहा वो बात अलग है। आप इन्हें तत्काल वार्ड में पहुंचाओ। अब ताे ऑक्सीजन की किल्लत भी नहीं है। लोगों के आग्रह पर पत्नी छाया गुप्ता ने बेटे से कहा चलो भर्ती करवा देते हैं।