संक्रमण के बीच पलायन रिटर्न: महाराष्ट्र से यूपी-बिहार जा रही ट्रेनों में यात्रियों की भीड़, काशी एक्सप्रेस में सांस लेना भी मुश्किल, बोले : लॉकडाउन में नौकरी नहीं रही; संक्रमणकाल में घर वापसी ही बेहतर

संक्रमण के बीच पलायन रिटर्न: महाराष्ट्र से यूपी-बिहार जा रही ट्रेनों में यात्रियों की भीड़, काशी एक्सप्रेस में सांस लेना भी मुश्किल, बोले : लॉकडाउन में नौकरी नहीं रही; संक्रमणकाल में घर वापसी ही बेहतर


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Khandwa
  • Crowd Of Passengers In Trains Going From Maharashtra To UP Bihar, Even Difficult To Breathe In Kashi Express, Said: No Job In Lockdown; Homecoming Is Better In Transition

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

खंडवा9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

काशी एक्सप्रेस के जनरल कोच में जगह नहीं थी। मुंबई से घर जाने वाले प्रवासी यात्री गेट से लेकर गलियारे तक बैठे व खड़े थे।

एक बार फिर महाराष्ट्र से यूपी-बिहार के मजदूरों का पलायन शुरू हो चुका है। शुक्रवार की शाम करीब 5 बजे खंडवा पहुंची मुंबई एलटीटी से गोरखपुर जा रही काशी एक्सप्रेस इसकी गवाह थी, जिसमें पैर रखने की भी जगह नहीं थी। यात्रियों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया था, ट्रेन के जनरल से लेकर स्लीपर कोच के गेट से गलियारे तक में यात्री ठूंस-ठूंस के भरे हुए थे। यात्रियों के अनुसार लॉकडाउन के चलते नौकरियां नहीं रही, जिसके चलते वे घर जा रहे हैं।

कोरोना संक्रमण के बीच लॉकडाउन को लेकर इन दिनों यात्री जानजोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। बिना कन्फर्म टिकट या फिर टिकट लिए बिना ही वे यात्रा कर रहे हैं। जगह नहीं मिलने पर दरवाजे ओर टॉयलेट के पास बैठकर सफर कर रहे हैं। स्लीपर कोच में बमुश्किल अन्य यात्री इंट्री कर पा रहे थे। 80 सीटर स्लीपर कोच में 250 से ज्यादा यात्री सवार थे। काशी एक्सप्रेस के अलावा पवन एक्सप्रेस, तुलसी, कुशीनगर, गोवा एक्सप्रेस, पुष्पक व कामायनी एक्सप्रेस के भी यही हाल है। – अब नौकरी नहीं रही तो घर वापसी ही ठीक है थाणे से इलाहाबाद की यात्रा कर रहे राहुल व उसके साथियों ने बताया लॉकडाउन होने की स्थिति में व्यवसाय-कारोबार ठप हो गए हैं। जिसके चलते हमारी नौकरियां नहीं रहीं। इससे बेहतर है कि संक्रमणकाल में हम घर वापसी कर ले, जहां हमारा परिवार इंतजार कर रहा है। करीब 2500 रूपए का रेल टिकट था, हमारें पास रूपए नहीं थे तो बिना टिकट सवार हो गए। लेकिन टीटीई ने आकर 1-1 हजार रूपए की वसूली शुरू कर दी। दोस्तों ने उधार लेकर उन्हें देना पड़ा।

खबरें और भी हैं…



Source link