Corona बना काल: चल बसा 6 बहनों का छोटा इकलौता भाई, 79 चिताएं देख ये हुआ इस शहर का हाल

Corona बना काल: चल बसा 6 बहनों का छोटा इकलौता भाई, 79 चिताएं देख ये हुआ इस शहर का हाल


मप्र के जबलपुर में कोरोना ने हाहाकार मचा रखा है. (सांकेतिक तस्वीर)

Corona बना काल: मध्य प्रदेश का जबलपुर शहर. यहां एक साथ 79 चिताएं किसी ने नहीं देखी थीं. जब ये देखीं तो शहर रोने लगा. पूरे जबलपुर में कोहराम मचा हुआ है. कोरोना काल बनकर जबलपुर पर टूट पड़ा है.

जबलपुर. कोरोना संक्रमण के कारण पूरे जबलपुर में कोहराम मचा हुआ है. एक साथ 79 चिताएं जलती देख शहर रो उठा. कहीं किसी घर में 6 बहनों का इकलौता भाई चल बसा, तो कहीं भाईयों की मौत हो गई. शहर की शायद ही ऐसी कोई गली या मोहल्ला हो, जहां से तनावभरी खबरें न आ रही हों.

जानकारी के मुताबिक, दुबे परिवार सूखा सूरतलाई में रहता है. इस परिवार का इकलौता बेटा और 6 बहनों में सबसे छोटा अर्पित(32) कुछ महीनों पहले ही मल्टीनेशनल कंपनी का जॉब छोड़कर परिवार के साथ रहने आया था. कुछ दिन पहले पता नहीं कैसे पिता उमाशंकर और अर्पित कोरोना संक्रमित हो गए. दोनों को विक्टोरिया अस्पताल में एक साथ भर्ती कराया गया.

यहां अर्पित की हालत और गंभीर हो गई, तो उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती कर दिया गया. मंगलवार को उसकी मौत हो गई. पिता उमाशंकर दुबे विक्टोरिया में अभी भी इलाजरत हैं. अर्पित की मौत से परिवार में कोहराम मच गया. जैसे-दैसे बेटियों ने मां के साथ मिलकर अर्पित का अंतिम संस्कार किया.

बूढ़ी मां के आगे दो बेटों की मौतदूसरी ओर, राय परिवार भी दो सगे भाईयों की मौत से टूट गया है. सदर गली नंबर 16 में टेंट व्यवसायी अखिलेश राय (42) और उनके बड़े भाई राजू राय (50) की मौत हो जाने से परिवार सदमे में है. अखिलेश की मौत एक हफ्ते पहले हुई तो, राजू की मंगलवार को. मां के सामने उसके बेटे चल बसे.

यहां हुआ अंतिम संस्कार

जबलपुर में मंगलवार को 79 मौतें हुईं. इनमें से 7 मौतें घरों में ही हुईं. जानकारी के मुताबिक, 19 चिताओं का अंतिम संस्कार तिलवारा घाट पर किया गया. अन्य शवों का अंतिम संस्कार चौहानी मुक्तिधाम में हुआ. कुछ लाशे रानीताल कब्रिस्तान और बिलहरी कब्रिस्तान में दफनाई गईं. इसमें 25 शवों का मोक्ष संस्था की ओर से और अन्य की नगर निगम व परिजनों द्वारा किया गया.









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