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- Former MLA Munna Said I Had Written To The District Administration To Give Remeddivir For A Serious Patient But Could Not Be Found, He Died Today.
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ग्वालियर7 मिनट पहले
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- क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में मुन्नालाल के तीखे तेवर
- निजी अस्पताल को दिए जा रहे इंजेक्शन की मॉनिटरिंग करने की मांग
बुधवार को क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने रेमडेसिविर इंजेक्शन का मुद्दा उठाया है। पूर्व विधायक ने कहा कि मंगलवार को उन्होंने एक निजी अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीज को रेमडेसिविर इंजेक्शन देने के लिए जिला प्रशासन को लिखा था, लेकिन उसे इंजेक्शन नहीं मिला। उस मरीज की बुधवार को मौत हो गई। निजी अस्पतालों को भी इंजेक्शन दिए जा रहे तो वह बाहर से मरीज के परिजन को लाने कैसे बोल सकते हैं। जिला प्रशासन को निजी हॉस्पिटलों को दिए जा रहे इंजेक्शन की मॉनीटरिंग कराना चाहिए, कहीं कोई कालाबाजारी तो नहीं कर रहा है।
यह है मुद्दा
वार्ड-30 के भाजपा संयोजक दीप श्रीवास्तव की बुआ संक्रमित थीं। उन्हें लक्ष्मीबाई कॉलोनी में करनी मल्टी स्पेशियलिटी में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन का इंतजाम करने के लिए कहा। दीप ने पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल से मदद मांगी। इस पर पूर्व विधायक को उसके लिए अपने लेटरहेड पर लिखकर दिया। इसके बाद भी उनको यह इंजेकशन नहीं मिल सका। बुधवार को उस मरीज की मौत हो गई। बुधवार को क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक थी। इस बैठक में पूर्व विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मीटिंग में उनके लिखने के बाद भी रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिलने का जिक्र किया। साथ ही कहा कि अस्पतालों में आप इंजेक्शन भेज रहे हैं इसलिए कि मरीजों को लग जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
इसलिए गुस्सा आया
पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने कहा कि असल मुद्दा यह था कि प्राइवेट हॉस्पिटल को भी डिमांड के आधार पर जिला प्रशासन रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध करा रही है। इसके बाद भी निजी अस्पताल वाले मरीज के परिजन को पर्चे पर लिखकर बाहर से इंजेक्शन लाने के लिए कह रहे हैं। इसलिए हॉस्पिटलों को जो इंजेक्शन दिए जा रहे हैं उनकी मॉनीटरिंग की कोई व्यवस्था बनानी चाहिए। प्रशासन का मकसद कालाबाजारी रोकना होना चाहिए।