आगर मालवा25 मिनट पहले
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- आगर के एडवोकेट रमेश अग्रवाल ने लगा रखी है बड़ा व रातोड़िया तालाब तथा बस स्टैंड तलाई को लेकर याचिका
नगर पालिका परिषद आगर के आवेदन पर राजस्व कर्मचारियों की टीम शुक्रवार को रातोड़िया तालाब का सीमांकन करने पहुंची। टोटल स्टेशन मशीन से किए गए सीमांकन में राजस्व टीम को तालाब की जमीन पर 12 से अधिक मकान मिले। सीमांकन के बाद क्या कार्रवाई होगी यह तो अधिकारी नहीं बता रहे हैं, लेकिन सीमांकन के बाद एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भोपाल) में नपा को जवाब पेश करना होगा, जबकि याचिकाकर्ता रमेश अग्रवाल गामा ने रातोड़िया तालाब में मिल रहे गंदे नाले को रोकने की मांग की थी।
तीन साल पहले लगाई थी याचिका
भोपाल के बाद प्रदेश के दूसरे बड़े तालाब के रूप में पहचाने जाने वाले मोती सागर (बड़ा तालाब) के कैचमेंट एरिया में अवैध काॅलोनियों का निर्माण होने, रातोड़िया तालाब में शहर के गंदे नालों का पानी मिलने तथा बस स्टैंड स्थित तलाई को बंद करके उसकी जमीन पर नपा द्वारा दुकान बनाई देने से इन जल संरचनाओं को हुए नुकसान की जानकारी देने के साथ ही इन जल संरचनाओं को संवरक्षित करने की मांग को लेकर एडव्होकेट रमेश अग्रवाल गामा ने सितंबर 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की भोपाल बेंच में याचिका दायर की थी। मामला अभी वहा विचाराधीन हैं। याचिकाकर्ता का कहना हैं कि रातोड़िया तालाब में गंदे पानी के मिल रहे नाले को रोकने का काम नहीं करके नपा अपराधिक कृत्य कर रही है। अग्रवाल की याचिका ट्रिब्यूनल में विचाराधीन हैं। अग्रवाल ने मुख्य नगर पालिका आगर के अलावा, कलेक्टर व तहसीलदार आगर को भी पार्टी बनाया हैं। याचिकाकर्ता अग्रवाल का कहना है कि तीनों जल संपदाओं को बचाने के लिए मेरे द्वारा प्रयास किया जा रहा हैं। सूत्र बताते है कि गत दिनों नगर पालिका आगर द्वारा बड़ा व रातोड़िया तालाब तथा बस स्टैंड स्थित तलाई का सीमांकन करने के लिए आवेदन दिया था।
सीमांकन के लिए भेजा था
एसडीएम द्वारा मामले में कार्रवाई के लिए तहसीलदार डीके सोनी को आदेशित किया गया था। तहसीलदार द्वारा आरआई मनीष सिंह तिवारी आगर, कुमेर सिंह भिलाला तनोड़िया तथा पटवारी त्रिलोक पाटीदार, प्रसन्न राजावत की टीम बनाकर सीमांकन के लिए भेजा था। टीम ने तालाब की पाल के पास स्थित बावड़ी जो कि नक्शे में स्थाई निशान है, से सीमांकन शुरू किया। 5 घंटे तक टीम द्वारा सीमांकन करने पर पता चला कि तालाब की जमीन पर 12 मकान बने हुए हैं।
नपा सीएमओ सीएस जाट से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर सीमांकन करवाया गया हैं। सीमांकन के दौरान सीएमओ जाट के अलावा नपा एई एमएल बागड़ी व उपयंत्री निधी पटेल आदि भी मौजूद थे। मामले में क्या कार्रवाई की जाएंगी, इसका जवाब देने से फिलहाल अधिकारी बच रहे हैं। सूत्र बताते है कि नपा को सीमांकन के बाद ट्रिब्यूनल में अपना जवाब पेश करना हैं।
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