सुपर स्पेशियलिटी: अब बदल दिया शव: अर्थी पर शव रखकर सारे संस्कार कर दिए, मुखाग्नि से पहले आखिरी बार चेहरा देखने हटाया कपड़ा तो बेटा बोला- यह तो पापा नहीं हैं, हंगामा

सुपर स्पेशियलिटी: अब बदल दिया शव: अर्थी पर शव रखकर सारे संस्कार कर दिए, मुखाग्नि से पहले आखिरी बार चेहरा देखने हटाया कपड़ा तो बेटा बोला- यह तो पापा नहीं हैं, हंगामा


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ग्वालियर8 मिनट पहले

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सुपर स्पेशियलिटी में खड़े परिज�

  • सुपर स्पेशियलिटी में आए दिन हो रही है लापरवाही

कोविड संक्रमित होने के बाद रिटायर्ड BSNL कर्मचारी की मौत हो गई। घंटों इंतजार के बाद बच्चों को पिता का शव मिला। पर वह पूरी तरह पैक था। बच्चों ने भी कपड़ा हटाना ठीक नहीं समझा। मुक्तिधाम में ले जाकर अंतिम संस्कार से पहले सारे संस्कार ऊपर से ही कर दिए। पर मुखाग्नि से ठीक पहले बेटे को लगा कि आखिरी बार पिता का चेहरा देख ले। चेहरा देखने जब कपड़ा हटाया तो बेटा हैरत में बोला- अरे यह तो पापा नहीं हैं। इसके बाद तो वहां हंगामा खड़ा हो गया। परिजन शव लेकर वापस सुपर स्पेशियलिटी पहुंचे और हंगामा खड़ा कर दिया। इसके बाद 2 घंटे की मशक्कत के बाद सही शव तलाश कर परिवार को दिया गया। यह पहला मौका नहीं है जब सुपर स्पेशियलिटी में लापरवाही के बाद हंगामा न मचा हो। मौत के बाद 8-8 घंटे शव नहीं मिलने पर रोज हंगामा हो रहा है।

मृतक छोटेलाल कुशवाह, इनका ही शव बदल गया है

मृतक छोटेलाल कुशवाह, इनका ही शव बदल गया है

ग्वालियर में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा हुआ है। कहीं ऑक्सीजन तो कहीं रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत समस्या बनी हुई है। इस दौरान JAH ( जयरोग्य अस्पताल) परिसर में स्थित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की महा लापरवाही सामने आई। शहर के समाधिया कॉलोनी में रहने वाले 62 वर्षीय छोटे लाल कुशवाह BSNL विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी थे। वह कोरोना संक्रमित होने पर चार दिन पहले सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती हुए थे। जहां उनकी इलाज के दौरान शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात 1:30 बजे मौत हो गई। आशंका है कि JAH में शुक्रवार रात ऑक्सीजन न मिलने से उनकी मौत हुई है। इस बात की जानकारी जब परिजन को लगी तो वह उनके शव को लेने के लिए अस्पताल पहुंचे। सुपर स्पेशियलिटी से उनको एक शव मिल गया।

चेहरा नहीं देखते तो हो जाता किसी और का अंतिम संस्कार

परिजन को जो शव दिया गया वह पूरी तरह पैक था। बाहर उनके पिता के नाम की चिट लगी थी। परिजन शव लेकर मुक्तिधाम पहुंच गए। नगर निगम का अमला भी पहुंच गया। यहां शव को उतारकर अर्थी पर रख लिया। सारे संस्कार बाहर से ही कर दिए, लेकिन मृतक के बेटे का मन नहीं माना मुखाग्नि से पहले आखिरी बार पिता के चेहरा देखने की जिद्द की। जब मृतक का चेहरा खोला तो सभी आश्चर्य में पड़ गए। यह शव छोटेलाल कुशवाह का नहीं था। तभी परिजन ने वहीं अंतिम संस्कार को रोकते हुए तत्काल अस्पताल वापस पहुंचे और उन्होंने वहां मौजूद डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी शिकायत की। साथ ही हंगामा किया। इस बात को सुनकर डॉक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और और तत्काल छोटेलाल के शव की तलाश की गई 2 घंटों के बाद उन्हें शव मिल गया और परिजन को अंतिम संस्कार के लिए सुपुर्द किया गया। इस पर तहसीलदार कुलदीप कुमार का कहना है कि मृतक का चेहरा दिखाकर ही शव परिजन को दिया जाता है। ऐसे में कहां चूक हुई है जांच का विषय है।

न जाने ऐसे किस-किस के शव जलवा दिए होंगे

इस घटना पर वहां खड़े लोगों का कहना था कि सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इतनी लापरवाही चल रही है कि यहां लोगों की जान से खिलवाड़ की जा रही है। न जाने ऐसे किस-किस के शव जलवा दिए होंगे।

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