आपके काम की ट्रेन: कोरोना संक्रमित हैं, लेकिन आइसोलेशन की जगह नहीं है तो रेलवे के कोच में फ्री आइसोलेट हो सकते हैं; यहां दवा, देखभाल और खाने की भी व्यवस्था

आपके काम की ट्रेन: कोरोना संक्रमित हैं, लेकिन आइसोलेशन की जगह नहीं है तो रेलवे के कोच में फ्री आइसोलेट हो सकते हैं; यहां दवा, देखभाल और खाने की भी व्यवस्था


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भोपाल10 मिनट पहलेलेखक: विकास वर्मा

  • भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर तैयार हैं रेलवे के 22 आइसोलेशन कोच
  • इसमें 320 संक्रमितों काे आइसोलेट किया जा सकता है, जरूरत पड़ी तो स्टैंडबाय में और कोच भी हैं

आप एक या दो कमरे के घर में रहते हैं और आपके परिवार में चार-पांच लोग हैं। ऐसे में घर का कोई सदस्य कोविड पॉजिटिव हो जाए और डॉक्टर उसे होम आइसोलेशन की सलाह दें तो आप क्या करेंगे। जाहिर है, परिजन को शहर में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में लेकर जाएंगे। अगर ये सेंटर्स भी फुल हैं तो क्या करेंगे? ऐसी स्थिति से निपटने के लिए रेलवे की ओर से कोविड संक्रमितों के लिए भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर आइसोलेशन कोच की व्यवस्था की गई है। इन काेच में 25 अप्रैल यानी रविवार से आइसोलेशन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए कोई भी शख्स ऐसे संक्रमित मरीज को यहां आइसोलेशन के लिए ला सकेगा, जिसे पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टर्स की ओर से आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है।

हर कोच में 9 केबिन, एक केबिन पैरामेडिकल स्टाफ के लिए

हर कोच में इमरजेंसी के लिए दो-दो ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था भी की गई है। अगर इस दौरान तबीयत ज्यादा बिगड़ती है तो मरीज को अस्पताल ले जाने तक इसका उपयोग किया जा सकेगा।

रेलवे की ओर से तैयार ये काेविड-19 आइसोलशन ट्रेन 22 कोच की है। इसमें 20 स्लीपर क्लास के कोच पेशेंट के लिए, एक पार्सल कोच जिसमें दवाइयां व जरूरी सामान रखा जाएगा। वहीं एक एसी काेच मेडिकल स्टाफ के रेस्ट के लिए रखा गया है। भोपाल डिवीजन के डीआरएम उदय बोरवणकर ने बताया कि प्रत्येक कोच में 9 केबिन हैं, इनमें 8 केबिन में मरीज और एक केबिन पैरामेडिकल स्टाफ के लिए होगा। प्रत्येक केबिन में 2-2 मरीजों को रखा जाएगा। इस तरह करीब 320 मरीजों को इस ट्रेन में आइसोलेट किया जा सकेगा। यहां आइसोलेट होने वाले मरीजों को स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक नाश्ते व खाने की व्यवस्था की गई है। रेलवे ने ऐसा ही एक कोच हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर भी तैयार किया है। जरूरत पड़ने पर इसमें भी संक्रमितों का आइसोलेट किया जाएगा।

इमरजेंसी के लिए हर कोच में दो ऑक्सीजन सिलेंडर
हर कोच में इमरजेंसी के लिए दो-दो ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था भी गई है। अगर आइसोलेशन के दौरान किसी संक्रमित की तबीयत अचानक बिगड़ जाए तो उसे हॉस्पिटल तक भेजने के लिए इनका उपयोग किया जाएगा।

प्रत्येक कोच में 9 केबिन हैं, इनमें 8 केबिन में मरीज और एक केबिन पैरामेडिकल स्टाफ के लिए होगा।

प्रत्येक कोच में 9 केबिन हैं, इनमें 8 केबिन में मरीज और एक केबिन पैरामेडिकल स्टाफ के लिए होगा।

आइसोलेशन कोच में मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं

  • सभी कोच में 24 घंटे दो पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था रहेगी।
  • सभी कोच में एक इंडियन और एक वेस्टर्न बायो टॉयलेट की व्यवस्था रहेगी।
  • हर केबिन में तीन पंखे और एक कूलर की व्यवस्था रहेगी।
  • कोच के रूफ टॉप पर जूट के बोरे बिछाए गए हैं, इन्हें ड्रिप इरीगेशन विधि से पानी डालकर ठंडा किया जा रहा है ताकि इस मौसम में मरीजों को काेच में गर्मी न लगे।
  • मरीजों एवं उनके परिजनों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। 9752413476 और 9479981845 मोबाइल नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर आइसोलेशन कोच की व्यवस्था की है। आज से मरीज इसका लाभ उठा सकते हैं।

भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर आइसोलेशन कोच की व्यवस्था की है। आज से मरीज इसका लाभ उठा सकते हैं।

दो दिन पहले वायरल हुआ था फेक मैसेज

2 दिन पहले सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा था, जिसमें कहा गया था- ‘आप सभी को सूचित करना चाहता हूं कि रेलवे की तरफ से भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 पर आइसोलेशन कोच लगा दिए गए हैं। अगर किसी भी कोरोना पेशेंट को बेड मिलने में समस्या हो तो वह रेल प्रशासन से बात कर भोपाल स्टेशन पर आइसोलेशन कोच में जा सकते है। ऐसा बताया गया है कि वहां समुचित व्यवस्था की गई है। जिन लोगों को नहीं मालूम है यह सूचना उन लोगों तक भी पहुंचाएं।’

हालांकि बाद में रेलवे ने इसे भ्रामक बताते हुए ट्वीट के जरिए स्पष्ट किया था कि यहां सिर्फ आइसोलेशन की सुविधा मिलेगी, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की नहीं।

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