भोपाल में ऑक्सीजन को लेकर कोहराम मचा हुआ है.
भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया (Avinash Lavania) ने मध्य प्रदेश की राजधानी में ऑक्सीजन के संकट को देखते हुए ऑक्सीजन टास्क फोर्स (Oxygen Task Force) का गठन किया है.
कलेक्टर अविनाश लवानिया ने ऑक्सीजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला ऑक्सीजन टास्क फोर्स का गठन करते हुए नोडल अधिकारी आयुक्त नगर निगम को बनाया है. इस टीम में आठ अधिकारियों को शामिल किया गया है. टास्क फोर्स का काम ऑक्सीजन की व्यवस्था करना और उससे जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को देखना है.
पुलिस भी बना रही टास्क फोर्स
भोपाल जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन को लेकर जहां एक तरफ ऑक्सीजन टास्क फोर्स का गठन कर दिया है और एक पूरी टीम अब मैदान में उतार दी है. इसी के साथ गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के निर्देश पर अब पुलिस भी रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन से जुड़ी कालाबाजारी के लिए टास्क फोर्स का गठन कर रही है. हर जिले में यह टास्क फोर्स कालाबाजारी पर नजर रखेगी और एफआईआर से लेकर रासुका तक की कार्रवाई करेगी.भोपाल में 3 मई तक कोरोना कर्फ्यू
कलेक्टर के आदेश के अनुसार भोपाल नगर निगम क्षेत्र और बेरसिया नगर पालिका क्षेत्र में 19 अप्रैल से सुबह 6 बजे से सोमवार 26 अप्रैल तक 6 बजे तक कोरोना कर्फ्यू लागू किया गया था. भोपाल में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए और जनता के स्वास्थ्य के हित में कलेक्टर अविनाश लवानिया ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोरोना कर्फ्यू को आगे बढ़ाते हुए 26 अप्रैल से 3 मई की सुबह 6 बजे तक आदेश जारी किए हैं. आदेश में कहा गया कि विशेष परिस्थितियों में ही लागू की गई शर्तों में छूट मिल सकेगी. इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. यदि इस आदेश का उल्लंघन कोई व्यक्ति करता है तो उसके खिलाफ धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी.