MP सरकार का विमान थका: मेंटेनेंस के लिए किया गया ग्राउंड, अब किराए के विमानों के भरोसे प्रदेश की व्यवस्था, महंगे खर्च पर गुजरात, राजस्थान से ले रहे निजी विमान

MP सरकार का विमान थका: मेंटेनेंस के लिए किया गया ग्राउंड, अब किराए के विमानों के भरोसे प्रदेश की व्यवस्था, महंगे खर्च पर गुजरात, राजस्थान से ले रहे निजी विमान


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भोपाल5 घंटे पहले

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सरकारी विमान को आखिरी बार करीब एक सप्ताह पहले उड़ान मिली थी

सरकारी विमान थक कर बैठ गया है। जरूरी मेडिकल इमरजेंसी के लिए अब सरकार को निजी कंपनियों की मनुहार करने की मजबूरी खड़ी हो गई है। महंगे किराए पर मिलने वाले विमान के लिए भी सरकार को निजी कंपनियों का, “….. अवेलेबल होगा तो भेज देंगे!” के बेरूखे जवाब सुनना पड़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार का विमान अपने निर्धारित सफर के बाद मेंटेनेंस के लिए ग्राउंड हो गया है। (मेंटेनेंस के लिए विमान खड़ा किए जाने को विमानन विभाग की बोलचाल में ग्राउंड हो जाना कहते है)

इसके बाद कोरोना काल में चिकित्सकीय जरूरतों के लिए अन्य प्रदेशों से किराए के विमान बुलाना पड़ रहे हैं। इसके लिए जहां सरकार से निजी कंपनियां न सिर्फ महंगा किराया वसूल कर रहीं हैं, वहीं उपलब्धता के आधार पर विमान भेजने की उनकी शर्त भी लगी हुई है।

जांच से दवाओं तक में जरूरत
जानकारी के मुताबिक कोरोना काल के शुरुआती दौर में इस विमान से सैंपल को दिल्ली तक ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। वापसी में इसी विमान के साथ रिपोर्ट भी पहुंच रही थीं। संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान इंजेक्शन रेमडेसिविर और अन्य जरूरी दवाओं की आपूर्ति भी इसी सरकारी विमान से की जा रही थी। बताया जाता है कि दिल्ली, हैदराबाद समेत अन्य बड़े शहरों की तरफ इसकी दिनभर दौड़ लगती रही है।

इसका उपयोग सैंपल ले जाने, रिपोर्ट लाने और जरूरी दवाओं की पूर्ति में किया जा रहा था

इसका उपयोग सैंपल ले जाने, रिपोर्ट लाने और जरूरी दवाओं की पूर्ति में किया जा रहा था

दमन और जयपुर से आ रहे निजी विमान
जानकारी के मुताबिक प्रदेश की जरूरत पूरी करने के लिए दो दिन पहले गुजरात के दमन से निजी विमान किराए पर बुलवाया गया है। 3 से 5 लाख रुपए घंटा किराए पर मिलने वाले इन निजी विमान के लिए भी पहले आओ, पहले पाओ, की कतार लगी हुई है। करीब 15 दिन से बनी इस मजबूरी के हालात में जयपुर से भी निजी विमान बुलाया जा चुका है।

100 घंटे की उड़ान पर होता है मेंटेनेंस
विमानन विभाग के चीफ इंजीनियर और क्वॉलिटी कंट्रोलर जेपी शर्मा का कहना है कि हर 100 घंटे की उड़ान के बाद विमान का मेंटेनेंस करना होता है। इसी के चलते सरकारी विमान को ग्राउंड किया गया है। जरूरी कामों के लिए नियमानुसार निजी विमान किराए पर बुलाए जा रहे। सुधार कार्य पूरा होने के बाद सरकारी विमान से काम होने लगेंगे।
विमान का लगभग एक सप्ताह से मेंटेनेंस कार्य चल रहा है। विभाग के अफसरों के अनुसार यह कब तक उड़ान भरना शुरू कर देगा, नहीं बताया जा सकता।

रिपोर्ट: खान आशु

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