जब मैं युवा था तो मां के सामने रोता था, दबाव के कारण क्रिकेट खेलने में परेशानी थी: चेतेश्वर पुजारा

जब मैं युवा था तो मां के सामने रोता था, दबाव के कारण क्रिकेट खेलने में परेशानी थी: चेतेश्वर पुजारा


चेतेश्वर पुजारा ने 85 टेस्ट में 6 हजार से अधिक रन बनाए हैं. (CSK Twitter)

टेस्ट विशेषज्ञ चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar pujara) अधिक नहीं बोलते. लेकिन वे जब युवा से तब उन्हें दबाव के कारण क्रिकेट खेलने में दिक्कत होती थी. उन्होंने कहा कि योग और ध्यान से सकारात्मकता बनी रहती है.  

नई दिल्ली. भारत के टेस्ट विशेषज्ञ बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar pujara) ने कहा कि नकारात्मक विचारों से दूर रहने के लिए वह योग और ध्यान करने के अलावा अपने अध्यात्मिक गुरू से सलाह लेते हैं. पुजारा ने यूट्यूब पर ‘माइंट मैटर्स’ इंटरव्यू में कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता की कुंजी दबाव को झेलना होता है. उन्होंने कहा, ‘एक बार नकारात्मक सोचने पर सब कुछ नकारात्मक लगने लगता है. मैं योग और ध्यान का सहारा लेता हूं. रोज प्रार्थना करता हूं, जिससे सोच सकारात्मक बनी रहती है।’’ उन्होंने कहा, ‘एक समय ऐसा भी था जब मुझे लगता था कि मैं दबाव नहीं झेल पाऊंगा. युवावस्था में अपनी मां के पास जाकर मैं उनके सामने रोता था और कहता था कि इतने दबाव के कारण मैं क्रिकेट नहीं खेल सकूंगा, लेकिन अब मैं दबाव झेल लेता हूं.’ पुजारा की मां का निधन तब हो गया था, जब वह 17 वर्ष के थे. उसके बाद से वह अध्यात्मिक गुरू की सलाह लेते हैं. 33 साल के पुजारा ने 85 टेस्ट में 6244 रन बनाए हैं. मन की दिशा सही होनी चाहिए उन्होंने कहा कि मन काफी मायने रखता है, क्योंकि यदि आपके मन ही सही दिशा नहीं होती है तो आप हमेशा संदेह में होते हैं. यदि आप मन से खुश हैं तो समझिए आप खुशहाल जीवन बिता रहे हैं. चेतेश्वर पुजारा ने कहा, ‘समय के साथ मैंने देखा कि मैं विश्वास को अपने खेल के अलावा जिंदगी में भी मानने लगा. भगवान में विश्वास करना मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात रही.’ पुजारा जून में होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे.यह भी पढ़ें: ब्रिटेन जाने वाले न्यूजीलैंड के खिलाड़ी 10 मई तक भारत में रहेंगे, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तैयारी आईपीएल में नहीं चुने जाने पर दुख हाेता था चेतेश्वर पुजारा को आईपीएल के मौजूदा सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स ने खरीदा था. 2014 के बाद वे आईपीएल में उतरे. ऑक्शन में उन्हें टीमें नहीं खरीद रही थीं. इस पर उन्हाेंने कहा कि यह कठिन था. आईपीएल में छोड़ दिया जाना और नहीं बिकना कभी आसान नहीं था. इस कारण मुझे धक्का भी लगा. लेकिन बाद में मुझे अहसास हुआ कि चीजें मेरे नियंत्रण में नहीं हैं. ऐसे में छोटे फॉर्मेट में अच्छा करने के लिए मैं प्रयास करने लगा.









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