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- Death Of 5 time BJP MLA And Former Minister From Raigaon Assembly In Satna District, Heart Attack Due To Kovid Compaction
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सतना5 घंटे पहले
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जुगल किशोर बागरी।
- विधायक के बड़े बेटे पुष्पराज बागरी ने की पुष्टि
- शाम 6 बजे भोपाल के चिरायु अस्पताल में ली अंतिम सांस
सतना की रैगांव विधानसभा से पांच बार के विधायक व भाजपा के पूर्व मंत्री जुगल किशोर बागरी की सोमवार को कोरोना से मौत हो गई। बताया गया, कोविड से रिकवर होने के बाद पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन के कारण शाम करीब 6 बजे उन्हें हार्ट अटैक आया। विधायक के बड़े बेटे पुष्पराज बागरी ने पुष्टि करते हुए कहा कि बाबू जी ने भोपाल के चिरायु अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे कोविड के बाद ठीक हो गए थे, लेकिन शाम को अचानक अटैक आया।
गौरतलब है, 25 अप्रैल को भाजपा विधायक सतना के बिरला अस्पताल में एंटीजन कोरोना की जांच में संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद वे होम आइसोलेशन में पेप्पटेक सिटी स्थित घर चले गए थे। एक मई को उनके स्वास्थ्य में गिरावट हुई, तो एक बार फिर बिरला लाए गए। फिर स्वास्थ्य में सुधार न होने पर 1 मई को रात 8 बजे भोपाल के बंसल हॉस्पिटल ले जाए गए। यहां से चिरायु अस्पताल उपचार के लिए भेज दिया गया। वे वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में 10 दिन से उपचार ले रहे थे, लेकिन सोमवार शाम अचानक से स्वास्थ्य में और गिरावट आई और हृदयाघात से उनके प्राण निकल गए।
एक नजर में रैगांव विधायक
बता दें, बागरी पांचवीं बार भाजपा से विधायक बने हैं। वे 1993 में पहली, 1998 में दूसरी, 2003 में तीसरी, 2008 में लगातार चौथी बार विधायक बनकर इतिहास रचा था। हालांकि 2013 में बढ़ती उम्र को देखते हुए पार्टी ने उनकी जगह बड़े बेटे पुष्पराज बागरी को टिकट दिया था, लेकिन बसपा की उषा चौधरी से पुष्पराज हार गए थे। इसके बाद एक बार फिर बब्बा पर ही पार्टी ने भरोसा किया तो 2018 में पांचवी बार विधायक बने। वे 2003 में उमा भारती की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, लेकिन एक लोकायुक्त के प्रकरण के कारण मंत्री पद गंवाना पड़ा था।
थकावट से आई थी बुखार
बागरी के बड़े पुत्र पुष्पराज बागरी ने बताया, नेताजी को 22 अप्रैल को हल्का बुखार आया था। हालांकि वह लगातार क्षेत्र में तीन दिन दौरा करने की थकवाट थी। फिर भी कोरोना संबंधित जांच कराने वे 25 अप्रैल को शहर के बिरला हॉस्पिटल गया था। जहां एंटीजन की जांच में पॉजिटिव आए। इसके बाद सीटी स्कैन कराया गया, तो नाूर्मल था। ऐसे में आरटीपीसीआर की जांच के लिए रीवा सैंपल भेजा गया। जांच रिपोर्ट 27 अप्रैल को आई। जिसमें वे निगेटिव थे, लेकिन लक्षण कोरोना की तरह थे। ऐसे में एहतियातन प्रदेश सरकार को पूरी बात बताई गई थी, जिन्होंने आश्वासन तो दिया पर मदद समय में नहीं मिली।
इलाज में प्रदेश सरकार ने की थी देरी
बता दें, 30 अप्रैल की शाम फिर अचानक से रैगांव विधायक जुगल किशोर बागरी की तबीयत बिगड़ गई थी। वे कोरोना संक्रमित होने के कारण बेटे के साथ पन्ना के रास्ते भोपाल जा रहे थे। अमानगंज में अचानक ऑक्सीजन लेबल डाउन हुआ। जानकारी राज्य सरकार को दी गई। आनन फानन में पन्ना कलेक्टर व एसपी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर विधायक को सतना के बिरला अस्पताल में भर्ती कराया था। जब सुबह मामले की जानकारी सतना कलेक्टर और एसपी को लगी, तो विशेष एंबुलेंस से विधायक और उनके बड़े पुत्र को तहसीलदार बीके मिश्रा के साथ पुन: भोपाल भेजा गया। साथ ही, पुलिस टीम भी पायलेटिंग के लिए लगाई गई। 1 मई की रात करीब 8 बजे विधायक को बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उन्हें चिरायु हॉस्पिटल रेफर किया।