कोरोना संक्रमण: 70% घटे सीटी स्कैन, ऑक्सीजन भी अब पर्याप्त, मौतें हो गईं आधी

कोरोना संक्रमण: 70% घटे सीटी स्कैन, ऑक्सीजन भी अब पर्याप्त, मौतें हो गईं आधी


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हाेशंगाबाद5 मिनट पहले

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ऐसे बंद रास्तों से ही टूटेगी कोरोना की चेन।

  • अप्रैल में 3 दिन ऑक्सीजन की ज्यादा डिमांड थी, उसी समय सबसे ज्यादा मौतें हुईं

शहरी क्षेत्र में काेराेना का असर कम हाे रहा है। 20 अप्रैल के बाद अचानक बिगड़े कोरोना के हालात अब सुधर रहे हैं। सीटी स्कैन कराने वाले 70% तक घटे हैं तो ऑक्सीजन पलंग की मांग भी कम है। हालांकि रेमडेसिविर की मांग बरकरार है। 20 अप्रैल को 17, 22 अप्रैल को 21 और 26 अप्रैल को सबसे ज्यादा 19 लोगों ने दम तोड़ा। इन दिनों ही जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता भी कम थी।

इन दिनों 250 सिलेंडर थे, जबकि मांग थी करीब 350 सिलेंडर की। ऐसे में जिले के सभी अस्पतालाें में जहां पर काेविड पेशेंट और अन्य मरीजाें के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता थी। ऐसे में जिला प्रशासन के प्रयास से 120 सिलेंडर छिंदवाड़ा से मिले। जिला अस्पताल में पहले 150 डी टाइप सिलेंडर की डिमांड रहती थी, अब अस्पतालाें में 5 से 10 सिलेंडर अतिरिक्त उपलब्धता है।

ऐसे सुधर रहे हालात : पहले जहां रोज जहां 15 से 19 माैत हाे रहीं थीं, अब मई में एक दिन में 7 से 9

जिला अस्पताल में 200 तक पहुंच गई थी मांग, अब पर्याप्त है 150 से ऊपर उपलब्ध हैं। 2, ज्ञानोदय कोविड सेंटर में पहले 4 सिलेंडर थे अब 8 हो गए हैं। 03, पवारखेड़ा में पहले केवल 2 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर थे अब 14 हैं। ऑक्सीजन की कमी थी अब 24 सिलेंडर मौजूद हैं। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अब 44 हैं। पहले 10 थे। पवारखेड़ा में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 14 हैं। पहले 4 ही थे। ऑक्सीजन की मांग कम हाे गई है। ज्ञानाेदय काेविड सेंटर में 8 सिलेंडर उपयाेग हाे रहे हैं। पवारखेड़ा काेविड सेंटर पहले 24 सिलेंडर और 4 कंसंट्रेटर लग रहे थे।

सीटी स्कैन के लिए अब वेटिंग नहीं

  • 70 फीसदी जिला सहित निजी अस्पतालाें में सीटी स्कैन कराने वाले घटे।
  • 15 दिन पहले 150 से 200 लाेग सीटी स्कैन कराने पहुंचे थे। दाे दिन वेटिंग थी।
  • जिला अस्पताल में पहले एक दिन में 150 सीटी स्कैन हो रहे थे अब 50-60 सीटी स्कैन हाे रही हैं।

यह भी कारण: एम्स के एक डाॅक्टर की एडवाइजरी के अनुसार 1 सीटी स्कैन करवाने से 13 एक्स-रे के बराबर रेडिएशन शरीर में पहुंचता है। जरूरत हाेने पर सीटी स्कैन की सलाह दी गई थी। इसके बाद सीटी स्कैन कम होने लगे।

रेमडेसिविर की कमी बरकरार- 10 हजार की डिमांड, मिलते कम

रेमडेसिविर इंजेक्शन शुरू से ही डिमांड के अनुसार कम मिल रहे है। मरीजाें काे 6 डाेज पूरे करने में परेशानी आ रही है। तहसीलदार शैलेेंद्र बड़ाेनिया ने बताया रेमडेसिविर की मांग बरकरार है। हमारी मांग प्रतिदिन एक हजार इंजेक्शन की है। लेकिन पर्याप्त नहीं मिल पाते। मंगलवार काे मात्र 92 इंजेक्शन मिले हैं।

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