परिवार वालों ने समझा मृत, निकला जिंदा: ग्वालियर में युवक ने फांसी लगाई, परिवार वालों को लगा कि मर गया, पुलिस पहुंची तो सांसें चल रही थीं; अस्पताल में बचाई जान

परिवार वालों ने समझा मृत, निकला जिंदा: ग्वालियर में युवक ने फांसी लगाई, परिवार वालों को लगा कि मर गया, पुलिस पहुंची तो सांसें चल रही थीं; अस्पताल में बचाई जान


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ग्वालियर2 घंटे पहले

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मृत समझकर इस तरह पड़ा था राहुल।

  • महाराजपुरा के आदित्यपुरम अभिनंदन वाटिका के पीछे बुधवार सुबह हुई घटना

पत्नी से गुस्सा होने के बाद युवक ने फांसी लगा ली। यह देख परिवार वालों ने उसे फंदे से उतारा, लेकिन उसके शरीर में हलचल नहीं हो रही थी। परिवार वालों ने उसे मरा समझकर बेड पर लिटा दिया। सूचना के बाद पुलिस पहुंची।

SI सौरभ श्रीवास्तव ने पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी। जब शव का फोटो खींच रहे थे, तो युवक का पेट हिलता दिखा। इसके बाद नब्ज टटोली, तो वह जिंदा निकला। तत्काल उसे JAH लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने ऑक्सीजन लगाया। फिलहाल युवक खतरे से बाहर है। डॉक्टरों का कहना है कि फंदे से दम घुटने के कारण वह बेहोश हो गया होगा, जिसे मृत समझ लिया। घटना बुधवार सुबह 5.30 बजे आदित्यपुरम की है।

महाराजपुरा में आदित्यपुरम निवासी राहुल दौहरे (28) अक्सर पत्नी से झगड़ा कर मारपीट करता था। झगड़ा होने पर उसकी पत्नी एक दिन पहले मायके चली गई थी। इससे वह नाराज था। बुधवार सुबह उसने साड़ी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। परिजन की नजर उस पर पड़ गई। जब तक दरवाजा तोड़कर परिजन अंदर पहुंचते, वह फंदे पर लटक चुका था। तत्काल फंदा काटकर उसे उतारा और चैक किया। उसकी सांसें नहीं चल रही थीं। घर में चीख पुकार मच गई। पुलिस को सूचना दी गई।

महाराजपुरा थाने में पदस्थ SI सौरभ श्रीवास्तव सुबह की गश्त पर थे। वह 10 मिनट में स्पॉट पर पहुंच गए। जब वह पहुंचे तो राहुल का शव रूम के अंदर बेड पर पड़ा था। बाहर परिजन बिलख रहे थे।

पंचनामा बना रहे थे, तभी लौटीं युवक की सांसें

SI सौरभ श्रीवास्तव ने राहुल को बेड पर बेजान पड़ा देखा, तो उन्होंने भी उसे मरा समझकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी। शव का फोटो खींचने के लिए उन्होंने कैमरा निकाला। उन्हें राहुल का पेट हिलता दिखाई दिया। इस पर उन्होंने नब्ज टटोली, तो वह जिंदा था। उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने ऑक्सीजन लगाकर उसे न्यूरोलॉजी में भर्ती कर लिया। अभी वह खतरे से बाहर है।

काम आई पुलिस की ट्रेनिंग

SI सौरभ श्रीवास्तव ने युवक को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया। उसके सीने पर पुश किया, साथ ही पेट के बल लेटाकर दबाया। फिर पुलिस वाहन में ही उसे लेकर JAH हॉस्पिटल पहुंचे। इस दौरान वह रास्ते में भी उसके सीने पर पुश करते रहे। यही कारण था कि उसकी सांस एक बार लौटी तो वापस नहीं गिरी। यह बारीकियां पुलिस कर्मियों को ट्रेनिंग के दौरान सिखाई जाती हैं।

पत्नी कर चुकी है थाने में शिकायत

पता लगा है कि राहुल अक्सर पत्नी से मारपीट करता था। कुछ समय पहले तो उनका झगड़ा थाने तक भी पहुंचा था। बाद में मामले में समझौता हो गया था। दो दिन पहले फिर उसने झगड़ा और मारपीट की थी। जिसके बाद पत्नी नाराज होकर मायके चली गई थी।

मैंने अपना फर्ज निभाया

SI सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि जब मैं स्पॉट पर पहुंचा, तो राहुल अंदर बेड पर पड़ा था। बाहर परिजन रो थे। अचानक उसकी सांस चलते देखी तो पहले पुश करके उसका ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने का प्रयास किया। इसके बाद वाहन से अस्पताल पहुंचाया। JAH में डॉक्टरों ने बताया कि कई बार ऐसा होता है कि दम घुटने से फांसी लगाने वाला बेहोश हो जाता है। उसकी जान जाती, उससे पहले ही परिजन ने उतार लिया।

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