क्राइसिस मैंनेजमेंट टीम गठन में राजनीति: पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने पत्र में कहा- क्राइसिस मैनेजमेंट की टीम में अपराधियों को जोड़ा, पिता-पुत्र भी शामिल है, 90 % सत्ताधारी दल के लोग, इसलिए मैं हो रहा हूं बाहर

क्राइसिस मैंनेजमेंट टीम गठन में राजनीति: पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने पत्र में कहा- क्राइसिस मैनेजमेंट की टीम में अपराधियों को जोड़ा, पिता-पुत्र भी शामिल है, 90 % सत्ताधारी दल के लोग, इसलिए मैं हो रहा हूं बाहर


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भिंड3 मिनट पहले

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पूर्व मंत्री व लहार विधायक डॉ गोविंद सिंह।

  • लहार SDM कार्यालय में BJP के लोगों ने लिस्ट कराई तैयार।

लहार विधानसभा क्षेत्र के विधायक व पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने भिंड कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस को पत्र लिखकर कहा है कि कोविड संक्रमण के लिए लहार व रौन क्राइसिस मैनेजमेंट की टीम गठित की गई है। यह टीम में लहार एसडीएम आर ए प्रजापति पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि लहार और रौन के लिए एसडीएम द्वारा तैयार की गई टीम में सजायाफ्ता अपराधियों को जोड़ा गया है। एक ही परिवार के लोग शामिल किए गए है यहां तक पिता-पुत्र जुड़े हैं। इस टीम में अधिकांश सदस्य सत्ताधारी दल के लोग है। यह कमेटी के गठन में राजनीति की गई है। इसलिए, इस टीम से मैं बाहर हो रहा हूं। लहार विधायक व पूर्व मंत्री द्वारा लिए गए पत्र से जिला प्रशासन के अफसरों से लेकर स्थानीय राज नेताओं में हलचल शुरू हो गई है।

लहार विधायक व पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह ने कोविड महामारी के संकट को रोकने के लिए क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप लहार एसडीएम आर ए प्रजापति द्वारा तैयार किया गया है। इस टीम में लहार व रौन क्षेत्र के लोगों को सदस्य बनाया गया है। उन्होंने अपने पत्र के माध्यम से कलेक्टर को बताया है कि इन सदस्यों में नब्बे प्रतिशत से अधिक सदस्य सत्ताधारी दल के है। इसके अलावा अनेक सदस्य गंभीर अपराध के आरोपी है जिनके केस न्यायालय में विचाराधीन है। इस टीम में कुछ ऐसे सदस्याें काे जोड़ा गया है जोकि पांच साल के सजायाफ्ता भी है। साथ ही कुछ सदस्य ऐसे है जो लहार में नहीं रहते है फिर भी सूची में शामिल किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट टीम के गठन से स्पष्ट हो गया है कि लहार एसडीएम आर ए प्रजापति के कार्यालय में बैठकर कुछ सत्ताधारी दल के नेताओं ने यह लिस्ट तैयार की है। इस लिस्ट पर एसडीएम प्रजापति के हस्ताक्षर राजनीतिक दबाव में कराए गए हैं। यह सबसे यह प्रतीत होता है कि लहार एसडीएम कार्यालय को अफसर संचालित न करके सत्ताधारी दल के लोगों द्वारा संचालित किया जा रहा है।

55 सदस्यीय टीम में 40 समाज सेवी

क्राइसिस मैनेजमेंट की सूची में 55 लोगों को शामिल किया गया है। जिसमें वर्तमान विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह, पूर्व विधायक मथुरा प्रसाद महंत, पूर्व विधायक रसाल सिंह शामिल है। इसके अलावा 12 प्रशासनिक अफसर है। इसके बाद 40 लोगों को समाजसेवी मानकर सूची में शामिल किया गया है। कोविड संक्रमण के समय यह समाज सेवी जनता के बीच दूर-दूर तक नजर नहीं आए। स्वास्थ्य सेवा से लेकर अन्य जरूरतों के लिए यह समाज सेवी जनता के साथ खड़़े न होकर घरों में रहे है। वे अधिकांश समय सोशल मीडिया पर ही पोस्ट करते रहते हैं।

मैं ऐसे लोगों के साथ क्यों शामिल हूं

डॉ गोविंद सिंह ने फोन पर जानकारी देते कहा कि जो सूची तैयार की गई है उसमें भ्रष्टाचारी और अपराधियों को जोड़ा गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि योगेंद्र सिंह पर अपराध दर्ज है। इसी तरह इमलाह के एक व्यक्ति को जोड़ा गया है। इस लिस्ट पूर्व विधायक मथुरा प्रसाद महंत व उनका बेटा राेमेश महंत है। यह लिस्ट बीजेपी के लोगों ने तैयार कराई है। इसलिए मैं और मेरी पार्टी इस कमेटी से दूरी रहेगी। उनका कहना है कि काेविड काल में बीजेपी के लाेग राजनीत कर रहे हैं।

मैंने निवेदन कर लिया

लहार एसडीएम आर ए प्रजापति का कहना है कि विधायक व पूर्व मंत्री डॉ गोविंद सिंह से निवेदन कर लिया है कि आपके अनुसार लिस्ट में संशोधन कर लेंगे। आपके बताए हुए नामों को लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा।

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