“शादी के एक साल बाद ही शहीद हो गए थे मेरे पति…” देख भी नहीं पाई थी, अब 54 साल बाद मिला सम्मान

रविरमन त्रिपाठी/भिंड: 1971 की जंग को भले ही सालों बीत चुके हों, लेकिन चंबल की मिट्टी ने जो बेटों की कुर्बानी…