Rain Damages Gehu Kharidi Kendra Wheat Crops Due To Cyclone Nisarga Storm Landfall In Mumbai Gujarat | खरीदी केंद्रों में रखा लाखों क्विंटल अनाज भीगा, करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका

Rain Damages Gehu Kharidi Kendra Wheat Crops Due To Cyclone Nisarga Storm Landfall In Mumbai Gujarat | खरीदी केंद्रों में रखा लाखों क्विंटल अनाज भीगा, करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका


  • राजधानी भोपाल सहित प्रदेश में जहां भी बारिश हो रही है वहां से खरीदी केंद्रों पर अनाज के भीगने की सूचना है

दैनिक भास्कर

Jun 04, 2020, 09:35 PM IST

भोपाल. तूफान निसर्ग के प्रभाव से प्रदेश में हो रही बारिश से खरीदी केंद्रों पर रखा लाखों क्विंटल अनाज भीग गया है। अनाज के भीगने से सरकार को करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश में जहां भी बारिश हो रही है वहां से खरीदी केंद्रों पर अनाज के भीगने की सूचना है। कई केंद्रों पर तो गेहूं से भरे पानी में डूब गए हैं। एक दिन पहले ही मौसम विभाग ने चक्रवात के चलते होने वाली बारिश के संबंध में सभी कृषि अधिकारियों अलर्ट भेजा था। उसके बाद भी किसी भी सोसाइटी ने खुले में पड़े गेहूं की सुरक्षा के संबंध में ना तो कोई पुख्ता इंतजाम किए ना ही उसके भंडारण की व्यवस्था की गई।

पन्ना में खरीदी केंद्र से पानी से गेहूं की बोरियां निकालते हम्माल।

पन्ना में अचानक जोरदार बारिश शुरू हो गई है, जिससे खरीदी केंद्रों में रखा हजारों कुंटल अनाज भीग गया। बारिश तो इतनी तेज थी कि बोरिया पानी में डूब गई साथ ही गांव के कच्चे घरों में पानी घुस गया है, गलियां तरबतर हो गई। पन्ना जिले के सिमरिया अनाज खरीदी केंद्र के मैदान में भीग रहा यह गेहूं किसानों से खरीदा गया है प्रशासन की लापरवाही के कारण यह अनाज पानी में भीग गया क्योंकि सुबह से जोरदार बारिश हो रही है और अनाज को भीगने से बचाने के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं किए गए।

सीहोर में खरीदी केंद्र पर खुले में पड़ा गेहूं भीग गया।

सीहोर:  बारिश के चलते कृषि उपज मंडी में पड़ा हजारों क्विंटल गेंहू बारिश में भीग गया। परिवहन नही होने से गेंहू बारिश में भीग गया। कृषि उपज मंडी में प्लास्टिक की बोरी में और खुले आसमान के तले रखा हजारों क्विंटल गेंहू बारिश की भेंट चढ़ गया। परिवहन ना होने की वजह से यहां गेहूं भीग गया बताया जा रहा है कि आसपास की खरीदी केंद्रों से गेहूं परिवहन करने की तैयारी की जा रही थी। बारदाने की कमी और परिवहन ना होने की वजह से यहां गेहूं खुले में भी पड़ा था। कृषि उपज मंडी में रखी थी जो बीती रात अचानक हुई बारिश के चलते भीग गई।  सोसायटी प्रबंधक भारत सिंह चौहान ने बताया कि अचानक हुई बारिश के चलते गेहूं कुछ भीग गया परिवहन नही होने से गेंहू यंहा रखा हुआ था करीब 1500 मेट्रिक टन गेंहू है जिन्हें पानी से बचाने  इंतेजाम किए गए है।

विदिशा में खरीदी केंद्र पर गेहूं की हजारों बोरियां भीग गई।

विदिशा : किसानों कि खुले खलियान में पड़ी उनकी साल भर की जमा पूंजी उनकी फसल पूरी तरह भीग चुकी है। वही विदिशा की 100 से ज्यादा सोसाइटी में किसानों का खरीदा जा चुका गेहूं भी 70 फीसदी तक भीग चुका है। 

सांवेर: अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे करीब 30 हजार क्विंटल गेहूं रखा है जो किग देर रात से अलसुबह तक हुई बारिश की भेंट चढ़ गया। मंडी प्रबंधक का कहना है कि बंपर आवक के कारण ट्रांसपोर्टेशन की कमी के चलते माल अधिक आ गया और उसे खुले में रखना पड़ा। साँवेर मंडी के प्रबंधक रमेश दयाल का कहना है कि बारिश का मौसम को देखते हुए गेहूं के ऊपर प्लास्टिक लगा दी गई थी लेकिन नीचे से पानी घुसा है और बहुत कम मात्रा में गेहूं खराब होने की स्थिति में है।  लेकिन मंडी परिसर में खुला पड़ा गेहूं खुद बयां कर रहा है कि पानी गिरने के बाद यहां क्या हाल हुए हैं। 



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