Indore Bhopal (MP) Coronavirus Cases/Unlock 2.0 Update | Madhya Pradesh Corona Cases District Wise Today News; Indore Bhopal Jabalpur Ujjain Gwalior Khandwa Kill Corona Virus Abhiyan | मध्यप्रदेश में 2 करोड़ से अधिक लोगों का स्वास्थ्य सर्वे हुआ

Indore Bhopal (MP) Coronavirus Cases/Unlock 2.0 Update | Madhya Pradesh Corona Cases District Wise Today News; Indore Bhopal Jabalpur Ujjain Gwalior Khandwa Kill Corona Virus Abhiyan | मध्यप्रदेश में 2 करोड़ से अधिक लोगों का स्वास्थ्य सर्वे हुआ


  • अभियान में कोरोना लक्षण वाले मरीजों के साथ अन्य मौसमी बीमारियों के लक्षण वाले रोगी भी चिन्हित हो रहे है, जिनका उपचार किया जा रहा है

दैनिक भास्कर

Jul 06, 2020, 10:22 AM IST

भोपाल. प्रदेश में किल कोरोना अभियान के दौरान डोर टू डोर सर्वे में दो करोड़ से अधिक लोगों का स्वस्थ्य सर्वे हुआ है। अभियान में चिन्हित हो रहे रोगियों के उपचार की व्यवस्थायें भी सुनिश्चित की जा रही है। सर्वे अभियान के दौरान शहरी क्षेत्र में 1776 और ग्रामीण क्षेत्र में 8975 सर्वे दलों द्वारा कार्य किया। इस अभियान में कोरोना लक्षण वाले मरीजों के साथ अन्य मौसमी बीमारियों के लक्षण वाले रोगी भी चिन्हित हो रहे है, जिनका उपचार किया जा रहा है। 

अभियान में अब तक करीब 11 हजार से अधिक सैंपल लिए लिए गए। प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक लोगों का स्वास्थ्य सर्वे अभियान के तहत किया जा चुका है। किल कोरोना अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने सर्वे के दौरान चिन्हित हो रहे संभावित कोरोना रोगियों की जांच के साथ उचित उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा है कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जिलों मे अधिकाधिक सेंपलिंग का कार्य किया जाए। किल कोरोना अभियान में संचालित गतिविधियों से प्रदेश को कोरोना से मुक्ति मिलेगी।

प्रदेश में ‘किल कोरोना अभियान’ में डोर-टू-डोर सर्वे का कार्य सतत रूप से चल रहा है। इसके लिये 11 हजार 458 सर्वे टीम लगाई हैं। सभी टीम नॉन कान्टेक्ट थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर और जरूरी प्रोटेक्टिव गियर के साथ लैस हैं। इस अभियान में सर्वे द्वारा एस.ए.आर.आई., आई.एल.आई. के संदिग्ध मरीजों के साथ-साथ मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि के संदिग्ध मरीजों को भी चिन्हांकित कर इनकी प्रविष्टि ‘सार्थक एप’ में की जा रही है। संदिग्धों की सेम्पलिंग के बाद उनकी टेस्टिंग आर.टी.पी.सी.आर और टी.आर.यू.एन.ए.टी. के माध्यम से करवाई जा रही है।



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