- आईआईटी इंदौर का छात्र कोरोना संदिग्ध निकला है, उक्त छात्र 21 जून को आईआईटी कैंपस लौटा था
- रविवार रात 1406 सैंपल में से 1356 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई, 43 नए पॉजिटिव मरीज मिले
दैनिक भास्कर
Jul 06, 2020, 10:21 AM IST
इंदौर. कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में 7 अप्रैल को मुंबई, दिल्ली के बाद तीसरे नंबर पर पहुंच गए इंदौर के लिए राहत की बात है कि अनलॉक के बाद मरीज मिलने की दर कम होने के साथ ही रविवार को शहर देश के टॉप 15 शहरों से बाहर हो गया है। अब वह 17वें पायदान पर है। अब यहां 849 एक्टिव मरीज हैं। मई में इन मरीजों की संख्या डेढ़ हजार से अधिक थी। अनलॉक – 1 के बाद कई शहरों में मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, इसके उलट इंदौर में संख्या घट रही है। इधर, पॉजिटिव मरीजों की संख्या के हिसाब से मप्र भी टॉप 10 राज्यों की सूची से बाहर होकर 12वें स्थान पर आ गया है।
आईआईटी का छात्र कोरोना संदिग्ध, होस्टल में क्वारेंटाइन के दौरान आया बुखार
आईआईटी इंदौर का छात्र कोरोना संदिग्ध निकला है। उक्त छात्र 21 जून को आईआईटी कैंपस लौटा था और उसे होस्टल में क्वारेंटाइन किया था। दूसरे 52 छात्रों के साथ उसका 14 दिन का क्वारेंटाइन सोमवार को पूरा होने वाला था, लेकिन दो-तीन दिन पहले उसमें कोरोना के लक्षण दिखाई दिए। पहले आईआईटी के हेल्थ सेंटर की निगरानी में रखा। बुखार ठीक नहीं होने पर कोरोना की जांच करवाई। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। पीआरओ कमांडर सुनील कुमार ने बताया, रिपोर्ट आने तक साथ रह रहे छात्रों का क्वारेंटाइन पीरियड बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि आईआईटी ने कैंपस में आने वाले छात्रों के लिए आरोग्य सेतु एप, यात्रा की जानकारी, होस्टल से बाहर न आने जैसी कई पाबंदियां लगा रखी हैं।
43 नए पॉजिटिव मरीज, 4876 लोग अब तक संक्रमित
रविवार देर रात 43 नए पॉजिटिव मरीज मिले, हालांकि किसी की मौत नहीं हुई। 1406 सैंपल में से 1356 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं, 2 लोगों की रिपोर्ट रिपीट पॉजिटिव आई, जबकि तीन सैंपल खारिज कर दिए गए। अब तक 92863 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है, इनमें 4876 लोग संक्रमित पाए गए हैं। जबकि पॉजिटिव मरीजों की मौत का आंकड़ा 246 तक पहुंच गया है। राहतभरी बात यह है कि लगातार कोरोना पेशेंट ठीक होकर डिस्चार्ज हो रहे हैं। अब तक 3781 मरीज काेरोना को मात देकर घर लौट चुके हैं। अभी जिले में 849 एक्टिव मरीज हैं। होटल और गार्डन में क्वारैंटाइन 4616 लोग भी अब घर लौट चुके हैं।
सर्वे में सामने नहीं आए पर बाद में मिले रहे पॉजिटिव, प्रशासन करा रहा जांच
कोरोना पॉजिटिव को चिह्नित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा डोर टू डोर सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान ऐसे कई मरीज मिल रहे हैं जो सर्वे में चिह्नित नहीं हुए, लेकिन बाद में किसी जांच के दौरान पॉजिटिव पाए गए। इसे देखते हुए कलेक्टर मनीष सिंह ने अब सख्ती शुरू कर दी है। उन्होंने सभी टीमों के प्रभारियों एडीएम, एसडीएम को निर्देश दिए कि यदि किसी घर में कोई पॉजिटिव मिला है तो उसकी बारीकी से जांच कर यह पता लगाएं कि क्या वहां सर्वे दल गया था, यदि गया था तो उन्होंने एप पर संबंधित घर वालों के संबंध में क्या जानकारी सबमिट की थी? इससे यह पता चलेगा कि वाकई सर्वे में कोई चूक हुई है या सामने वाले ने सही जानकारी नहीं दी। हाल ही में इस तरह के कुछ मामले सामने आए जिसमें सर्वे टीम द्वारा जानकारी भर दी गई, लेकिन कुछ दिन बाद उसी घर से पॉजिटिव मरीज भी सामने आया है