MP Assembly by Election : कमलनाथ के ‘फैसले’ पर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल! | bhopal – News in Hindi

MP Assembly by Election : कमलनाथ के ‘फैसले’ पर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल! | bhopal – News in Hindi


MP Assembly by Election : कमलनाथ के फैसले पर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल!

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सभी 24 विधानसभा सीट के लिए निजी एजेंसियों से सर्वे करा रहे हैं.इसमें स्थानीय स्तर के मुद्दे, जातीय समीकरण और जिताऊ चेहरों की जानकारी जुटाई जा रही है.

भोपाल.मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में 2018 के विधान सभा चुनाव (Asssembly election) में जो फॉर्मूला जीत का कारण बना था वही अब उप चुनाव (by election) में उसके गले की हड्डी बनता दिख रहा है. बात सर्वे (survey) की हो रही है. पीसीसी चीफ कमलनाथ जिताऊ उम्मीदवार की तलाश के लिए निजी एजेंसियों से सर्वे करा रहे हैं. लेकिन इस बार ये नेताओं को रास नहीं आ रहा.

मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस भले ही कमरा बंद बैठक कर रणनीति बनाने में जुटी हो, लेकिन अब पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है. पीसीसी चीफ कमलनाथ के 24 सीटों पर जीत के लिए जिताऊ उम्मीदवारों को लेकर हो रहे सर्वे पर पार्टी के अंदर घमासान उठ खड़ा हुआ है. पार्टी नेताओं ने सर्वे पर सवाल उठाना तेज कर दिया है. सर्वे को लेकर सबसे ज्यादा दिक्कत ग्वालियर चंबल इलाके में खड़ी हो गई है. भिंड के कांग्रेसी नेता महाराज सिंह तोमर और तहसील शाह ने सर्वे के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं.

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक स्थानीय स्तर पर एजेंसियों के द्वारा जो सर्वे हो रहा है उसमें वोटरों से राय नहीं ली जा रही है. पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारियों से मशवरा कर सर्वे रिपोर्ट तैयार हो रही है. कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि ग्वालियर चंबल इलाके में पार्टी के नेता दिग्विजय सिंह, अजय सिंह डॉक्टर गोविंद सिंह की राय के बाद ही उम्मीदवार के नाम का ऐलान होना चाहिए.

 सर्वे के आधार पर सवालसिर्फ स्थानीय नेता ही नहीं बल्कि ग्वालियर चंबल में कांग्रेस के बड़े नेता डॉक्टर गोविंद सिंह ने भी उम्मीदवार चयन के लिए सर्वे को आधार बनाए जाने पर आपत्ति दर्ज करा दी है. डॉ गोविंद सिंह के मुताबिक जो सर्वे हो रहा है वह पूरी तरीके से गलत नहीं है लेकिन यह जरूरी है कि उम्मीदवार चयन को लेकर स्थानीय स्तर के नेताओं की भी राय ली जाए.

निजी एजेसी से सर्वे
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सभी 24 विधानसभा सीट के लिए निजी एजेंसियों से सर्वे करा रहे हैं.इसमें स्थानीय स्तर के मुद्दे, जातीय समीकरण और जिताऊ चेहरों की जानकारी जुटाई जा रही है. 2018 के चुनाव से पहले भी कमलनाथ ने निजी एजेंसी से सर्वे कराया था और सर्वे के आधार पर कांग्रेस पार्टी की रणनीति तय कर सत्ता हासिल की थी. कमलनाथ को भरोसा है कि 2018 का फार्मूला 2020 के उपचुनाव में भी कारगर साबित होगा. लेकिन अब पार्टी के लिए उसका सर्वे मुसीबत बनता दिखाई दे रहा है. पार्टी के नेता खुलकर सर्वे के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं. ऐसे में ग्वालियर चंबल इलाके की 16 सीटों पर कांग्रेस को उम्मीदवार तय करने में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.





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