शिवराज सरकार ने कांग्रेस से पाला बदलकर बीजेपी का दामन थामने वालों का जी भर कर किया सम्मान. (फाइल फोटो)
बड़ा मलहरा से कांग्रेस विधायक रहे प्रदुम सिंह लोधी (Pradum Singh Lodhi) को राज्य नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है. वहीं कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय विधायक बने प्रदीप जायसवाल को मध्य प्रदेश खनिज निगम का अध्यक्ष बनाया गया है.
हर पक्ष को साधने की कोशिश
शिवराज सरकार ने कांग्रेस से पाला बदलकर बीजेपी में शामिल होने वाले बड़ा मलहरा से कांग्रेस विधायक रहे प्रदुम सिंह लोधी को राज्य नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है. वहीं कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय विधायक बने प्रदीप जायसवाल को मध्य प्रदेश खनिज निगम का अध्यक्ष बनाया गया है. प्रदेश सरकार ने दोनों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की नाराजगी को दूर करते हुए सीएम शिवराज ने कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए प्रदुम सिंह लोधी का सम्मान बढ़ा दिया है. लोधी को उमा भारती का पुराना समर्थक माना जाता है. सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदुम सिंह लोधी के बीजेपी में शामिल होने के कुछ घंटों बाद ही प्रदुम सिंह लोधी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की जिम्मेदारी दे दी गई. माना जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान ने इसके जरिए उमा भारती की नाराजगी को दूर करने की कोशिश की है.
पाला बदलने वाले की सत्ता में भागीदारी तयदरअसल प्रदेश में होने वाले उपचुनाव से पहले एक तरफ जहां बीजेपी ने कांग्रेस को बड़े झटके दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ यह भी संकेत दे दिया है कि पाला बदलकर आने वालों को पार्टी में तो सम्मान मिलेगा ही, सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. और यही कारण है कि कमलनाथ सरकार के गिरने के बाद बीजेपी को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल समेत कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए प्रदुम सिंह लोधी को सरकार ने उपकृत करते हुए बड़े महकमों की जिम्मेदारी सौंप दी है.
भाजपा खेमे में आने पर महत्त्वपूर्ण जिम्मेवारियां सौंपी
ये दोनों निगम महत्त्वपूर्ण हैं. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के जरिए जहां खरीदी को लेकर फैसले होते हैं तो वही प्रदेश में रेत खनन से लेकर दूसरे खनिजों के खनन के मामले में माइनिंग कॉरपोरेशन का बड़ा रोल होता है. ऐसे में सरकार ने बड़े फैसले लेते हुए पाला बदलकर बीजेपी में शामिल होने वाले नेताओं को खुश करने का काम किया है. साथ ही प्रदीप जायसवाल के जरिए वैश्य वोटर और प्रदुम सिंह लोधी के जरिए लोधी वोटरों को साधने की कोशिश की है.