The complainant came out and told the false story of the robbery | फरियादी ही निकले आरोपी लूट की झूठी कहानी रची

The complainant came out and told the false story of the robbery | फरियादी ही निकले आरोपी लूट की झूठी कहानी रची


शाजापुर20 मिनट पहले

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शाजापुर बायपास पर फिल्मी कहानी की तरह सामने आई 18 लाख रुपए की लूट की घटना को फरियादियों ने ही अंजाम दिया था। वारदात के 36 घंटे के अंदर ही शाजापुर पुलिस ने लूट की झूठी वारदात रचने और 18 लाख रुपए हड़पने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस खुलासे से बड़े स्तर पर हो रही टैक्स चोरी भी सामने आ गई।
पुलिस खुलासे में वहीं बातें सामने आई जो भास्कर ने 17 जुलाई के अंक में प्रकाशित की थी। खास बात यह रही कि पूरा मामला टैक्स चोरी के बड़े खेल से जुड़ा हुआ था। एक अधिकारी के अनुसार गुजरात से आए सरिया व्यापारी ने भी रिपोर्ट दर्ज कराने से इनकार कर दिया था। हर माह बिना बिल के बेचे हुए माल की बेहिसाबी रकम ठिकाने लगाने वाले फरियादियों की ही नीयत खराब हो गई और 18 लाख रुपए देख उन्होंने लूट की झूठी कहानी रची और अंजाम भी दे दिया।
शुक्रवार दोपहर 12.30 बजे सीसीटीवी कंट्रोल रूम पर एसपी पंकज श्रीवास्तव और एएसपी आर.एस. प्रजापति ने खुलासा करते हुए बताया कि फरियादियों के रूप में पहुंचे युवक ही आरोपी निकले। राजपाल ठाकुर और रिजवान दोनों निवासी इंदौर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर 18 लाख रुपए गायब कर दिए और खुद लालघाटी थाने पहुंचकर लूट की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंच गए। पुलिस ने बुधवार रात केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। फरियादियों के प्राथमिक बयानों में ही वे शंका के घेरे में आ गए। इसके बाद कोतवाली टीआई अजीत तिवारी ने पचोर के उदनखेड़ी सहित रोजवास जोड़ स्थित टोल प्लाजा और होटलों व ढाबों के सीसीटीवी कैमरे खंगालने से पुलिस का शक और पुख्ता हो गया। इधर साइबर सेल प्रभारी मनीष दुबे ने दोनों आरोपियों के मोबाइल लोकेश और कॉल डिटेल की सीडीआर चेक कराई तो उज्जैन के रवींद्र नगर निवासी हेमंत अग्निहोत्री नामक युवक संदिग्ध दिखा। गुरुवार रात ही पुलिस ने टीम उज्जैन रवाना कर दी और तीसरे आरोपी हेमंत को 18 लाख रुपए के साथ दबोच लिया। दरअसल दाेनों ने लूट की योजना बनाने के बाद अपने दोस्त हेमंत अग्निहोत्री को मक्सी टोल नाके पर बुलाकर 18 लाख रुपए से भरा झोला दे दिया।
टैक्स चोरी का बड़ा कारोबार
लालघाटी थाना और साइबर सेल प्रभारी मनीष दुबे ने बताया कि यह हवाला जैसे टैक्स चोरी का बड़ा खेल है। राजपाल अपने 14 पहिए के ट्राले से सरिया परिवहन करता था। उसी के अनुसार मूल फरियादी रिजवान भावनगर के सरिया व्यापारी आदिल के लिए काम करता है, आसपास के व्यापारियों से वह रुपए इकट्ठे कर इंदौर भेजता था। इस बार वह ब्यावरा के किसी सलूजा नामक व्यापारी से 18 लाख रुपए लाए थे। इनका अधिकांश माल बिना बिल का होने की जानकारी भी सामने आई है। झूठी लूट की योजना तीनों बदमाशों द्वारा पुलिस को बताई जाने के बाद इसके बाद जब इसकी सूचना गुजरात के आदिल को लगी तो वह भी शाजापुर पहुंचा। सूत्रों के अनुसार व्यापारी भी रिपोर्ट दर्ज कराने के मूड में नहीं था। इसके लिए उसने दोनों थानों के टीआई से लेकर आला अधिकारियों से भी अलग से चर्चा की थी। लेकिन पुलिस ने मामले का खुलासा कर टैक्स चोरी के इस खेल को भी उजागर कर दिया।
टीआई अजीत तिवारी के अनुसार मामले में सरिया कारोबार में टैक्स चोरी होने की जानकारी सामने आ रही है। 18 लाख रुपए किसी सलूजा नामक व्यापारी से लेना बताया गया है। उससे पूछताछ के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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