सांकेतिक भाषा एक्सपर्ट मोनिका पुरोहित के मुताबिक़, उनके यहां मूक बधिर बच्चों के लिए हॉस्टल संचालित होता है. (फाइल फोटो)
सामाजिक न्याय विभाग को भी पत्र लिखकर मामले की जानकारी दे दी गई है. इसके साथ ही अधिकारियों के समक्ष गीता (Geeta) का सारा सामान और नगदी उसे सौंप दिया गया है.
सामाजिक न्याय विभाग को भी पत्र लिखकर मामले की जानकारी दे दी गई है. इसके साथ ही अधिकारियों के समक्ष गीता का सारा सामान और नगदी उसे सौंप दिया गया है. गीता अब ज्ञानेंद्र पुरोहित के घर पर उनकी माता जी के साथ रह रही है. ज्ञानेंद्र पुरोहित और मोनिका पुरोहित दोनों ही सांकेतिक भाषा के जानकार हैं. पकिस्तान से गीता को भारत लाने में पुरोहित दम्पत्ति का अहम किरदार रहा था. अब तक वह लगातार गीता की मदद करते आ रहे थे. रणजीत हनुमार मंदिर के करीब स्थित जिस संस्था में अब तक गीता रह रही थी वहां से कुछ समय पहले उसने भागने का प्रयास भी किया था. लेकिन समय रहते उसे ढूंढ लिया गया था.
उनके यहां मूक बधिर बच्चों के लिए हॉस्टल संचालित होता है
सांकेतिक भाषा एक्सपर्ट मोनिका पुरोहित के मुताबिक़, उनके यहां मूक बधिर बच्चों के लिए हॉस्टल संचालित होता है, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण फिलहाल वह बंद है. इसीलिए गीता को उनकी माता जी के साथ रखा गया है. उसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है. वह फ़िलहाल संतुष्टि जाहिर कर रही है. उसके माता- पिता की खोज अब भी जारी रहेगी. फिलहाल, उसकी मनोदशा को परख रहे हैं. उसे पूरी तरह से पारिवारिक माहौल देने का हमारा प्रथम प्रयास रहेगा.