Last year till now it was 12 inches of rain, this year it stopped at 7 inches, crops are on the verge of drying up | पिछले साल अब तक 12 इंच बरसात हुई थी, इस साल 7 इंच पर थमी, फसलें सूखने की कगार पर

Last year till now it was 12 inches of rain, this year it stopped at 7 inches, crops are on the verge of drying up | पिछले साल अब तक 12 इंच बरसात हुई थी, इस साल 7 इंच पर थमी, फसलें सूखने की कगार पर


मंदसौर16 घंटे पहले

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  • साहूकारों से रुपए लेकर महंगा बीज खरीदकर बोया, सरकार के फेरबदल में कर्जमाफी रुकी

बारिश की खेंच के साथ भीषण गर्मी से किसान सहित आमजन परेशान हैं। शुरुआती जुलाई में छिटपुट बारिश में किसानों ने बोवनी कर दी लेकिन अब बारिश नहीं हो रही है। फसलें मुरझाने की कगार पर हैं, कई किसान संगठन जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी कर चुके हैं। आंकड़ों की बात करें तो पिछले साल जिले में 22 जुलाई तक 12 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इस बार हालात यह हैं कि बारिश 7 इंच ही हो सकी है। गांवों में किसान इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए उजमनी मना रहे हैं। दाल-बाटी का भोग लगाने के साथ देवरे पूज रहे हैं। बरसात की बेरुखी से कोरोना काल में किसान व मजदूरों के लिए ओर भी संकट का समय आ गया है। किसानों के हालात यह हैं कि सरकार के फेरबदल के चलते उनकी कर्जमाफी रुक गई है। इससे कई किसान आेवरड्यू हो गए, जिसके चलते वे सहकारी संस्थाओं से खाद-बीज के लिए भी वंचित हो गए हैं। किसानों ने साहूकारों से कर्ज लेकर फसल बोकर खाद-बीज, दवाई आदि खरपतवार की दवाइयों में खर्च कर दी है। अब किसानों के पास पूंजी नहीं बची है। कर्ज लेकर फसल उगा दी है। वर्तमान समय में अन्नदाता अधिक  परेशान हैं। ना तो उन्हें पिछले साल का बीमा मिला  है और कर्जमाफी के चक्कर में कई किसान ओवरड्यू हो चुके हैं जिन्हें खाद-बीज मिलना भी मुश्किल है। ऐसे में कर्ज लेकर बाजार से ही खाद-बीज के सारे काम निपटाए हैं। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण से फसलें सूखने की कगार पर हैं।

चिंतित किसानों ने बारिश की कामना के साथ परिवार सहित मनाई उजमनी
नगरी | बारिश की खेंच से परेशान नागरिकों ने बुधवार को उजमनी मनाई। नागरिकों ने नगर से बाहर जाकर दाल-बाटी बनाकर इंद्रदेव को भोग लगाकर अच्छी बारिश की कामना की। नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में फसलों को बचाने के लिए अच्छी बारिश का जरूरत महसूस हो रही है।

सुबह फुहारें आईं फिर निकली धूप, एक-दो दिन में बारिश नहीं हुई ताे हाेगा नुकसान
बड़वन | मंगलवार को ग्राम निपानिया में ग्रामीणों ने इंद्रदेव को मनाने के लिए उजमनी मनाई है। सुबह से ही लोग अपने खेतों पर जाकर दाल-बाटी चूरमे बनाकर इंद्रदेव को भोग लगाया लेकिन इंद्रदेव प्रसन्न नहीं हुए। मेघ नहीं बरसे। ग्रामीणों के चेहरे पर मायूसी छाई रही। सुबह कुछ बारिश के फुहारें थे लेकिन थोड़ी देर बाद तेज धूप निकल गई। दिनभर तेज गर्मी से लोग परेशान होते रहे। ग्रामीणों ने बताया कि एक-दो दिन में बारिश हो जाए तो ठीक है नहीं तो फसल खराब होने लग जाएगी।

संजीत, अरनिया जटिया में मनाई उजमनी, बारिश की कामना की
संजीत | बारिश की लंबी खेंच की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में उजमनी मनाई जा रही है। मल्हारगढ़ तहसील के गांव अरनिया जटिया में बुधवार को उजमनी मनाई गई। बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना की। गांव वालों ने खेत खलिहानों में दाल-बाटी बनाई। सभी देवी-देवताओं को याद कर बारिश होने की कामना की।

रुठे हुए इंद्रदेव को मनाने के लिए खेड़ादेव पूजे
बिशनिया | सीतामऊ तहसील के बिशनिया क्षेत्र के गांव गुराडिया गौड़, बाजखेड़ी मोतीपुरा आदि में कई दिन से बारिश नहीं होने एवं तेज गर्मी पड़ने के कारण फसलें पानी के लिए तरस रही हैं। किसानों ने खेतों में खरपतवार नष्ट करने के लिए कुरपे चलाए जिससे फसलों की जड़ें ढीली हो गई हैं एवं पत्ते लटक रहे हैं। इस हाल में फसलों को पानी की सख्त जरूरत है। अच्छी बारिश के लिए अन्नदाता किसान चिंतित हैं। रुठे इंद्रदेव को मनाने के लिए खेड़ादेव पूजे गए एवं जंगल में दाल-बाटी चूरमा बनाकर इंद्रदेव को भोग लगाया। अच्छी बारिश की कामना की। गांववासियों ने जंगल में ही भोजन किया।

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