मौसम विभाग का कहना है फिलहाल प्रदेश में कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है
जुलाई (july) के आखिरी सप्ताह में भी झमाझम बारिश (rain) की झड़ी नहीं लगी तो जुलाई महीने का कोटा पूरे होने के आसार नहीं हैं.
मध्यप्रदेश में तय समय से एक दिन पहले मानसून की आमद के साथ ही जून महीने में मानसून मेहरबान रहा.तो जुलाई महीने में मानसून की बेरुखी जारी है.9 साल में पहली बार है जब जुलाई के 22 दिन में सबसे कम बारिश हुई है.बारिश की रफ्तार थमने के साथ ही प्रदेश भर में तापमान में इजाफा हो रहा है.उमस और गर्मी से बेहाल लोग अब झमाझम बारिश का इंतज़ार कर रहे हैं.
9 साल में पहली बार जुलाई सूखा
जुलाई के महीने में मानसून की बेरुखी से किसानों के साथ आम लोग परेशान हैं.जुलाई महीने के 22 दिन बीतने के बाद भी अब तक मानसून रूठा हुआ है. 9 साल में ऐसा पहली बार हो रहा है जब जुलाई में अभी तक मात्र 2.6 इंच बारिश ही हुई है.9 साल में जुलाई के आंकड़े
साल 2012-6.35इंच
साल 2013-6.25इंच
2014-9.58इंच
2015-11.08इंच
20161-19.85इंच
2017-4.19इंच
2018-10.70इंच
2019-12.5इंच
2020-2.6इंच
खजुराहो में तापमान 36डिग्री के पार
मानसून थमने के साथ ही मध्यप्रदेश के कई शहरों में तापमान में इजाफा हो रहा है.प्रदेश भर में खजुराहो में सबसे ज्यादा 36 डिग्री तापमान दर्ज किया गया तो सीधी टीकमगढ़,ग्वालियर और राजगढ़ में 35.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ. प्रदेश भर के 14 शहरों में तापमान 34 डिग्री पर पहुंच गया. बारिश की रफ्तार थमने के साथ ही लोग उमस और गर्मी से बेहाल हैं.
24 जुलाई के बाद बारिश के आसार
जून महीने में झमाझम बारिश की झड़ी के बाद जुलाई में मानसून की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है.मौसम विभाग का कहना है फिलहाल प्रदेश में कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है. यही वजह है कि छुटपुट बारिश ही हो रही है.24 जुलाई के बाद प्रदेश भर में बारिश होने के आसार हैं. जुलाई के आखिरी सप्ताह में झमाझम बारिश की झड़ी नहीं लगी तो जुलाई महीने का कोटा पूरे होने के आसार नहीं हैं.