करीब साढ़े आठ लाख छात्रों ने एमपी बोर्ड की परीक्षा दी थी.
MP Board 12th Result: दमोह की प्रिया चौरसिया ने एग्रीकल्चर स्क्रीन से प्रदेश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है. प्रिया के पिता दमोह में बस स्टैंड पर ही चाय की छोटी सी दुकान चलाते हैं चाय और नाश्ते की दुकान चला कर भी प्रिया को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया.
जनरल स्टोर चलाने वाले के बेटे ने किया प्रदेश भर में टॉप
कक्षा 12वीं में राजधानी भोपाल के सरकारी स्कूल के विवेक गुप्ता ने कॉमर्स स्ट्रीम से प्रदेश भर में साल 2019 में टॉप किया था. विवेक गुप्ता को 500 में से 486 नंबर मिले थे. विवेक ने 97.2% बनाकर प्रदेश की मेरिट लिस्ट में पहले स्थान पर हासिल हासिल किया था. विवेक के पिता का छोटा सा जनरल स्टोर है. जनरल स्टोर से आय बहुत ज्यादा नहीं है. जनरल स्टोर चलाने वाले के बेटे ने प्रदेश भर की मेरिट में स्थान बनाकर अपने पिता के सपने को पूरा कर दिखाया है. विवेक का कहना है कि बेहतर करना है और भीड़ से अलग दिखने की बात ही मुझे हमेशा मोटिवेट करती थी और यही वजह है कि अच्छे नंबर लाने के साथ ही मेरिट में आने को लेकर तैयारी शुरू की थी. पहले पढ़ लो फिर पूरी लाइफ एंजॉयमेंट हो जाता है, इसी बात को ध्यान में रखकर तैयारी की. एक बार अगर आप अच्छी रैंक और अच्छा पद हासिल कर लेते हो तो लोगों के बीच आपका कद और सम्मान बढ़ जाता है. हर रोज 5 घंटे पढ़ाई करता था. हर सब्जेक्ट के लिए एक घंटे नियमित रूप से देता था. रेगुलर पढ़ाई की ऐसा एक भी दिन नही हुआ कि पढ़ाई में गैप किया हो. क्रिकेट खेलना ही मेरी हॉबी है, लेकिन क्रिकेट खेलने से दूरी बना ली थी. एग्जाम से पहले और तैयारी से पहले ही क्रिकेट खेलना पूरी तरह से बंद कर दिया था. प्रदेश भर में पहले पायदान पर आए विवेक गुप्ता सीए बनना चाहते हैं. सीए बनने के पहले चरण के एग्जाम में विवेक ने आल इंडिया 42वी रैंक हासिल की है.
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चाय की दुकान चलाने वाली की बेटी बनी एग्रीकल्चर स्ट्रीम से टॉपर
दमोह की प्रिया चौरसिया ने एग्रीकल्चर स्क्रीन से प्रदेश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है. प्रिया के पिता दमोह में बस स्टैंड पर ही चाय की छोटी सी दुकान चलाते हैं चाय और नाश्ते की दुकान चला कर भी प्रिया को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. चाय की दुकान चलाने वाले की बेटी अपने पिता का मजबूत कंधा बनना चाहती है. प्रिया चौरसिया का कहना है कि कक्षा 12 में आते ही सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूरी बना ली थी. 11वीं तक सोशल मीडिया पर रही. कक्षा 12वीं में पढ़ाई के चलते फोन का इस्तेमाल नहीं किया. सोशल मीडिया के इस्तेमाल से आप फोकस ही नही रह सकते हो इसीलिए अपने आप को इन सब से दूर रखा. अभी इस सफलता से खुश नही हूँ ज़िंदगी मे अभी बहुत सारी सफलताएं हासिल करनी है. संतुष्ट नही होना चाहती हूं क्योंकि अगर अभी संतुष्ट हो गई तो आगे और मेहनत नहीं कर पाऊंगी प्रिया चौरसिया एग्रीकल्चर साइंटिस्ट बनना चाहती है.
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शिक्षक की बेटी ने पिता का शिक्षा को किया रोशन
साल 2019 में सिवनी की दृष्टि सनोडिया आर्ट्स स्ट्रीम की टॉपर थी. शिक्षक की बेटी दृष्टि सनोडिया ने अपने पिता की शिक्षा को रोशन किया है. दृष्टि रोजाना 6 से 7 घण्टे पढ़ाई करती थी. दृष्टि का कहना है कि पढ़ाई को लेकर कंसिस्टेंट थी. पढ़ाई के साथ खेल को भी समय दिया. हर रोज स्पोर्ट क्लब जाती थी बैडमिंटन खेलती थी ताकि तनाव को खुद से दूर रखूं. मेरिट में आने के लिए कड़ी मेहनत की मेरे पिता मेरे शिक्षक होने के साथ ही मार्गदर्शक भी है और मेरे पिता ही मेरे लिए लकी शाम है दिन भर जितनी भी पढ़ाई करती थी पिता से दिन में एक बार जरूर सांझा करती थी सारी तैयारी दिन भर की सारी तैयारी का लेखा-जोखा पिता लिया करते थे और समस्याओं का समाधान भी पिता करते थे.