सभी मंत्री अपने विभागों का संकल्प पत्र 15 अगस्त तक तैयार कर लेंगे
ग्वालियर (gwalior) चंबल में बनने वाला चंबल एक्सप्रेस वे अब चंबल प्रोग्रेस वे (Chambal Progress Way.) के नाम से जाना जाएगा.
औपचारिकताओं के बाद शुरू हुई कैबिनेट की बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. ग्वालियर चंबल में बनने वाला चंबल एक्सप्रेस वे अब चंबल प्रोग्रेस वे के नाम से जाना जाएगा. उप चुनाव से पहले लिया गया यह फैसला बीजेपी और सरकार के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. इसके साथ ही कैबिनेट में यह भी तय किया गया है कि सभी मंत्री अपने विभागों का संकल्प पत्र 15 अगस्त तक तैयार कर लेंगे. यह माना जा रहा है कि 15 अगस्त को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोड मैप जनता के सामने रखेंगे.
ये हैं वर्चुअल कैबिनेट के प्रमुख फैसले
-चंबल एक्सप्रेस वे का नाम चंबल प्रोग्रेस वे करने पर बनी सहमति-कैंपा योजना को दी गई मंजूरी, वन विभाग और ग्रामीण क्षेत्र को मिलेगा योजना का लाभ
-सीएम ग्रामीण पथ विक्रेता ऋण योजना को मिली मंजूरी
-स्ट्रीट वेंडर योजना में कई लाभार्थियों को किया गया शामिल
-नगर पंचायत ग्राम और जनपद पंचायत में प्रभारी मंत्री कार्यक्रम कर बांटेंगे चैक
-22 में से 21 नगर पंचायतों को दोबारा किया गया बहाल
-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2020-2021 में भी रहेगी जारी, बीमा कम्पनी का चयन निविदा से होगा
कौन मंत्री कहां से जुड़े ?
प्रदेश की पहली वर्चुअल कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री अस्पताल से तो बाकी मंत्री अलग अलग जगहों से शामिल हुए.
प्रेम सिंह – बड़वानी
विजय शाह – देवास
मोहन सिंह यादव – उज्जैन
एदल सिंह कंसाना – मुरैना
हरदीप सिंह डंग और जगदीश देवड़ा – मंदसौर
प्रद्युम्न सिंह तोमर, ओ पी भदौरिया, भारत सिंह कुशवाह – ग्वालियर
तुलसी सिलावट – इंदौर
गोविंद सिंह – सागर
सुरेश धाकड़ – शिवपुरी
यशोधरा राजे – दिल्ली
बाकी मंत्री भोपाल में अपने निवास से जुड़े