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- International Tiger Day 2020; Tigress T 21 Gives Birth To Two Cubs At Sanjay National Park (Sidhi) And Dubri Wildlife Sanctuary In Madhya Pradesh
भोपाल/सीधी5 मिनट पहले
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मध्य प्रदेश के संजय डुबरी नेशनल पार्क में बाघिन टी-21 ने दो शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही यहां पर बाघों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है।
- टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश में अब 528 बाघ-बाघिन, ये संख्या देश में सबसे ज्यादा
- पिछले साल ही फिर से मिला है प्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा, बांधवगढ़ में 124 बाघ
इंटरनेशनल टाइगर डे पर मध्य प्रदेश के सीधी में संजय डुबरी टाइगर रिजर्व से अच्छी खबर आई है। यहां पर टी-21 बाघिन ने दो नन्हें मेहमानों को जन्म दिया है। इसके साथ ही यहां पर बाघ-बाघिनों की संख्या 8 हो गई है। अब तक यहां पर छह बाघ-बाघिन थे।
बाघिन के साथ दो नए नन्हे मेहमान टाइगर रिजर्व जोन में लगे कैमरे में हुए कैद हुए हैं। तस्वीरें सामने आने के बाद वन विभाग उनकी देखरेख में लग गया है। टी-21 बाघिन को बांधवगढ़ से लाया गया था। बताया जाता है कि ये छोटी और अनाथ थी। संजय डुबरी टाइगर रिजर्व ने अनाथ होने की वजह से इसे बाड़े में कैद करके रखा। बाद में डेढ़ वर्ष पहले पौड़ी क्षेत्र में टी-21 को आजाद कर दिया गया था।
सीएम शिवराज का ट्वीट-
टाइगर हमारे प्रदेश की शान हैं। इनकी दहाड़ मध्यप्रदेश का गौरव और बढ़ाते हैं। यह गौरव सदैव अक्षुण्ण रहे, इनकी संख्या में दिनोंदिन वृद्धि हो; इस ध्येय के लिए हम सब मिलकर प्रयास करें। प्राणी और प्रकृति बचेगी, तो धरा समृद्ध होगी। #InternationalTigerDay
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) July 29, 2020
अब मप्र 528 बाघों के साथ देश में पहले नंबर पर, बांधवगढ़ में 124 बाघ
भोपाल फारेस्ट सर्किल के रातापानी सेंचुरी में 45 बाघ हो गए हैं। यह संख्या पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या से ज्यादा है। पन्ना में 31 बाघ है। यह खुलासा हुआ है कि वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा मंगलवार को बाघ दिवस के ठीक एक दिन पहले जारी लैंडस्केप आंकड़ों से। 2018 में हुई गणना में पहली बार सेंचुरी के बाघों को शामिल किया गया। इसके पहले केवल टाइगर रिजर्व में ही गणना होती थी। बता दें कि पिछले साल ही मप्र को फिर से टाइगर स्टेट का दर्जा मिला है।
पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ एसके मंडल ने कहा कि, “रातपानी सेंचुरी को लेकर अब जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अभी केवल एक गांव विस्थापित हुआ है। यहां के आठ गांवों को विस्थापित होने का काम तेजी से होगा। मप्र में बाघों की संख्या बढ़ी है। इनके लिए नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे ताकि बाघ और इंसानों के बीच संघर्ष स्थिति निर्मित न हो।”
प्रदेश में लैंड स्केप के हिसाब से बाघों की संख्या
| टाइगर रिजर्व | बाघों की संख्या |
| बांधवगढ़ नेशनल पार्क | 124 |
| कान्हा नेशनल पार्क | 108 |
| पेंच नेशनल पार्क | 87 |
| सतपुड़ा नेशनल पार्क | 47 |
| पन्ना नेशनल पार्क | 31 |
| संजय डुबरी नेशनल पार्क | 08 |
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