नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कैप्टन सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने अपनी कमाल की साझेदारी से न जाने कितनी ही बार टीम की जीम में अहम भूमिका निभाई थी. दोनों ने बतौर सलामी बल्लेबाज खूब वाहवाही लूटी थी. वहीं ये तो हम सभी जानते हैं कि दादा सौरव गांगुली और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अपने करियर के शुरुआती दौर से ही एक दूसरे के अच्छे दोस्त रहे हैं. दोनों की दोस्ती सिर्फ मैदान तक ही सीमित नहीं थी, दोनों मैदान के बाहर भी एक-दूसरे के साथ अच्छा बॉन्ड शेयर करते थे और अब भी करते हैं.
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लेकिन सचिन तेंदुलकर की कप्तानी में एक समय ऐसा भी आया था कि वो सौरव गागुंली पर इतना गुस्सा हो गए थे कि उन्होंने गांगुली का करियर खत्म करने की धमकी तक दे दी थी. दरअसल, ये बात साल 1997 की है, जब सचिन टीम इंडिया (Team India) के कैप्टन थे और टीम वेस्टइंडीज के दौरे पर थी. वहां बारबोडोस में टेस्ट मैच के दौरान टीम इंडिया को जीत के लिए सिर्फ 120 रन चाहिए थे, लेकिन पूरी टीम सिर्फ 81 रनों पर ढेर हो गयी थी. तेंदुलकर इस हार से काफी दुखी थे और टीम से काफी नाराज भी हुए थे.
इसके बाद तेंदुलकर ने टीम को जीत के लिए बेहतर प्रदर्शन के लिए कहा था और सचिन का गुस्सा देख कर सौरव गांगुली ने उन्हें शांत करने की पूरी कोशिश की थी. खबरों की मानें तो सचिन ने सौरव को अगले दिन सुबह अपने साथ सैर पर साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन गांगुली उनके साथ नहीं आए, जिसकी वजह से सचिन, गांगुली पर काफी नाराज हो गए थे. दोनों के बीच बात इतनी बढ़ गई थी कि सचिन ने गांगुली को धमकी देते हुए कह दिया था कि ये उनके करियर का अंत है.
हालांकि बाद में धीर-धीरे दोनों में सब ठीक हो गया था. वहीं बतौर कप्तान सचिन कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए, मगर गांगुली की अगुवाई में टीम लगातार आगे बढ़ती रही. आपको बता दें कि सचिन की कप्तानी में टीम इंडिया ने 25 में से कुल 4 टेस्ट मैच जीते थे और 73 वनडे मैचों में सिर्फ 23 में ही टीम को जीत नसीब हुई थी. वहीं गांगुली की गिनती भारत के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में की जाती है और हो भी क्यों न, उन्होंने मैच फिक्सिंग के काले साये से भारतीय टीम को जो निकाला था.
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