इंदौर17 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
- रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा में ही सत्यापित करवाना होंगे दस्तावेज
कॉलेजों में ऑनलाइन-ऑफलाइन एडमिशन की गाइडलाइन जारी हो गई है। क्लासेस भी ऑनलाइन लगेंगी। इधर, दस्तावेज सत्यापन इस बार ऑनलाइन किया गया है। यानी एमपी ऑनलाइन के कियोस्क सेंटर या घर से ही यह प्रक्रिया की जा सकेगी। जो छात्र दस्तावेज सत्यापन ऑनलाइन नहीं करवा पाएंगे, उनके लिए सभी सरकारी कॉलेजों में हेल्प सेंटर बनेंगे। रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा में ही दस्तावेज सत्यापित करवाना होंगे। छात्रों को 5 से 20 अगस्त तक बीकॉम, बीए, बीएससी, बीबीए जैसे यूजी कोर्स में एडमिशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सत्यापन करवाना होगा। पीजी कोर्स के लिए 13 से 28 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन और सत्यापन होंगे।
एक बार में 50 से ज्यादा छात्रों को अनुमति नहीं
हेल्प सेंटर पर ऑनलाइन दस्तावेज सत्यापित होंगे। जो छात्र किसी वजह से दस्तावेज सत्यापित नहीं करवा पाएंगे, वही हेल्प सेंटर जा सकेंगे। उसमें भी एक बार में एक सेंटर पर 50 छात्र ही जा सकेंगे। इस बार शासन की ओर से सिर्फ एक बार अलॉटमेंट आएगा। बाद में दो बार मेरिट आधार पर कॉलेज लेवल पर सूची बनेगी। यूजी के लिए छात्रों को 5 से 13 सितंबर तक दूसरी काउंसलिंग की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करना होगी। 16 को कॉलेज लिस्ट चस्पा करेंगे।
निरीक्षण व्यवस्था खत्म, नए कॉलेजों-कोर्स की नहीं हो रही मॉनिटरिंग
कॉलेजों में भले ही ऑनलाइन एडमिशन का दौर शुरू हो गया हो, मगर शासन की एक व्यवस्था खत्म होने से नए और कुछ पुराने कॉलेजों में नए कोर्स की मॉनिटरिंग का सिस्टम ठप हो गया है। यह माॅनिटरिंग शासन करवाता था और इस दौरान टीम नए कॉलेजों का लगातार तीन साल निरीक्षण करती थी। पुराने कॉलेजों में जिन नए कोर्स को अनुमति मिलती थी, उनकी भी मॉनिटरिंग होती थी। टीम यह देखती थी कि कॉलेज के पास पर्याप्त संख्या में फैकल्टी हैं या नहीं। जितने क्लासरूम बताए गए, उतने मेंटेन हैं या नहीं। इस साल यह सिस्टम खत्म कर देने से पिछले साल शुरू हुए कॉलेज और नए कोर्स की मॉनिटरिंग भी बंद हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में अगर कोई कॉलेज नियमों का पालन नहीं करेगा या फैकल्टी की नियुक्ति नहीं की गई तो छात्रों को परेशानी आ सकती है। इंदौर में ऐसे 27 कॉलेज हैं जहां पिछले साल नए कोर्स शुरू हुए।
0