After 12, Jhelum, Malwa, Bundelkhand can run, trains will be available for Indore, Varanasi and Jammu | 12 के बाद झेलम, मालवा, बुंदेलखंड चल सकती हैं, इंदौर, वाराणसी और जम्मू के लिए मिलेंगी ट्रेन

After 12, Jhelum, Malwa, Bundelkhand can run, trains will be available for Indore, Varanasi and Jammu | 12 के बाद झेलम, मालवा, बुंदेलखंड चल सकती हैं, इंदौर, वाराणसी और जम्मू के लिए मिलेंगी ट्रेन


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ग्वालियर19 मिनट पहले

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10 अगस्त तक गृह मंत्रालय के निर्देश पर रेलवे बोर्ड यह तय करेगा कि 12 अगस्त के बाद कितनी नई ट्रेनें चलाई जानी हैं

  • रेलवे अफसरों के मुताबिक 12 अगस्त के बाद ग्वालियर से होकर वाराणसी जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस चल सकती है

कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने के कारण रेलवे ने 12 अगस्त तक के लिए रेगुलर ट्रेनें रद्द कर रखी हैं। 10 अगस्त तक गृह मंत्रालय के निर्देश पर रेलवे बोर्ड यह तय करेगा कि 12 अगस्त के बाद कितनी नई ट्रेनें चलाई जानी हैं। अभी पूरे देश में 230 ट्रेनें चल रही हैं। इनमें से 14 ट्रेनों का स्टॉपेज ग्वालियर में हैं। लेकिन कई ऐसे ट्रैक खाली पड़े हैं, इनमें 23 मार्च के बाद से कोई भी यात्री ट्रेन नहीं चल रही।

इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ी हुई है। उदाहरण के तौर पर ग्वालियर से इंदौर के लिए न तो ट्रेन चल रही है न फ्लाइट। इसी तरह इलाहाबाद और वाराणसी के लिए ग्वालियर से कोई ट्रेन नहीं है। ग्वालियर से कोटा और इटावा के लिए भी कोई ट्रेन नहीं है। रेलवे अफसरों के मुताबिक 12 अगस्त के बाद ग्वालियर से होकर वाराणसी जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस चल सकती है। वहीं पंजाब मेल, झेलम और मालवा एक्सप्रेस भी फिर से चल सकती है।

4 ट्रेनों के चलने से अंचल के यात्रियों को मिलेगी राहत

डॉ. अंबेडकर नगर (महू) से ग्वालियर होकर जाने वाली मालवा एक्सप्रेस के चलने से अंचल के यात्री इंदौर जा सकेंगे। झेलम एक्सप्रेस से पुणे के यात्री जा सकेंगे। पंजाब मेल चलने से सबसे अधिक फायदा मुंबई जाने वाले कैंसर के मरीजों को होगा। अभी ग्वालियर से जम्मू जाने के लिए सीधे ट्रेन नहीं है। ग्वालियर से जम्मू चलने वाली फ्लाइट भी फिलहाल रद्द चल रही है।ट्रेन में सफर करने से पहले स्टेशन पर होगी जांचरेलवे अभी उतनी ही ट्रेनें चलाएगा जितने यात्रियों की रेलवे स्टेशन में थर्मल स्क्रीनिंग की जा सके। साथ ही उनके हाथों को सेनिटाइज किया जा सके। इसके लिए रेलवे स्टेशन आने वाली ट्रेनों के बीच एक से डेढ़ घंटे का गैप रखा जाएगा। जो भी ट्रेनें चलेंगी उनमें सफर करने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। तापमान सामान्य होने पर ही ऐसे यात्रियों की जांच हो सकेगी।

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