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- After 2 Days Of Lockdown, The Market Is Fiercely Shopping, Crowded So Much That Even The Traders Could Not Follow The Scientific Distancing.
धार23 मिनट पहले
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रक्षाबंधन पर साेमवार काे दाे दिनी लाॅकडाउन का असर नजर अाया। राखी के दिन बाजार में खरीदी को लेकर खासी रौनक रही। शनिवार और रविवार के लॉकडाउन के बाद जब दुकानें खुली तो किसी ने नए कपड़े तो किसी ने राखी और मिठाई की खरीदी की। मुहूर्त के पहले बाजार में जमकर भीड़ उमड़ी। भीड़ इतनी थी कि दुकानदार भी साेशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करा सकें। हटवाड़ा, अानंद चाैपाटी, राजवाड़ा, बाेहरा बाखल आदि मार्गाे पर ज्यादा रश रहा। खरीदी का यह दाैर शाम तक चलता रहा। परिवहन के साधन बंद रहने से कई बहनें भाई को राखी बांधने नहीं जा पाई और ना ही भाई उन तक पहुंच पाए। इंदाैर की तरह त्याेहार पर लाॅकडाउन में छूट की मांग व्यापारियाें की तरफ से उठी थी। इसके बावजूद प्रशासन ने छूट नहीं देते हुए शनिवार व रविवार काे बाजार बंद रखा। कई महिलाएं त्याेहार मनाने एक या दाे दिन पहले शहर पहुंची। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्राें में भी लाेग साेयाबीन की फसल में दवाई देने व अन्य कामाें मंे व्यस्त है। इस बीच दाे दिन बाजार बंद रहने से वे खरीदी ही नहीं कर पाए। जिसके कारण साेमवार काे बाजार में भीड़ रही। दाेपहर 1.30 बजे से राखी बांधने का मुहूर्त था। एेसे में खरीदी करने के लिए लाेग सुबह 10 बजे ही बाजार में पहुंच गए। दाेपहर 12.30 बजे तक लाेग बाजार में खरीदी करने पहुंचे। फिर राखी बांधने का समय हाेने के कारण धीरे-धीरे बाजार मंे भीड़ कम हो गई। पर्व के चलते दाेपहर 2 बजे बाद कुछ व्यापारी भी दुकानें बंद करके घर चले गए। व्यापारियों की मानें तो इस वर्ष रक्षाबंधन पर गत वर्ष के मुकाबले कम व्यापार हुआ।
दो दिन के बंद से राखी के दिन बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया। हटवाड़ा, अानंद चाैपाटी, राजवाड़ा, बाेहरा बाखल अादि मार्गाे पर ज्यादा रश रहा। लोग त्योहारी खरीदी करने में सोशल डिस्टेंसिंग भूल गए। कपड़े, राखी और मिठाई की दुकानों पर दुकानदार भीड़ से डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करवा पाए।
सामूहिक उपाकर्म इस बार नहीं हुए
इस साल राखी पर भद्रा याेग सुबह 9.29 बजे ही खत्म हाे गया था। इसके लिए अधिकांश लाेगाें ने बगैर मुहूर्त देखे ही रक्षासूत्र बांधे। जबकि कई घराें में मुहूर्त अनुसार सुबह 9.30 से 10.46, दाेपहर 1.37 से 7.17 व शाम 7.17 से 8.57 बजे तक राखी बंाधी गई। बहन ने भाई के ललाट पर मंगल तिलक लगाया व कलाई में राखी बांधकर लंबी उम्र की कामना की। वहीं भाई ने भी बहन काे उपहार स्वरूप रक्षा का वचन दिया। ब्राह्मणाें ने श्रावणी कर्म किया। माेती बाग चाैक स्थित ज्याेति मंदिर पर श्रावणी उपाकर्म का अायाेजन किया गया। यहां समाजजन ने पूजन अर्चन कर जनेऊ धारण की।
केशर पेड़ा, काजू कतली ज्यादा बिकी
मिठाई व्यापारी नारायणकुबेर जाेशी ने बताया पर्व के चलते शहर की 25 दुकानाें पर अच्छी खरीदी हुई। ग्राहकाें ने सबसे ज्यादा मांग केशर पेड़ा, पिस्ता बर्फी, मलाई बर्फी, गुपचुप, काजू कतली मावा बर्फी, पेड़े, दूध बर्फी की रही। इधर नारियल महंगा हाेने से बिक्री प्रभावित हुई। किराना व्यापारी अारके माेदी ने बताया पर्व के चलते नारियल के रेट 10 से बढ़कर 20 रु. हाे गए। इस कारण बिक्री 40 प्रतिशत तक प्रभावित हुई।
मुख्य चौराहों पर रही पुलिस प्रशासन की व्यवस्था : दुकान के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए कहीं भी मार्क नहीं थे। पुलिस और प्रशासन की टीम मुख्य चौराहों पर मुस्तैद रही। अधिकतर लोग मास्क पहनकर बाजार में खरीदारी करने आए थे। जो नहीं पहने थे उन्हें समझाइश दी गई।
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