शाजापुर4 मिनट पहले
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कोतवाली से आगे एबी रोड पर रात हो या दिन, इस तरह मवेशियों का जमावड़ा लगा रहने से खासकर रात में दुर्घटना की आशंका ज्यादा बनी रहती है।
- गोवंश की फजीहत, बीच सड़क पर मवेशियों के बैठे रहने से दुर्घटना की आशंका रहती है
जिले की हर पंचायत में गोशालाओं के निर्माण का दावा करने वाली कमलनाथ सरकार के गिरते ही एक बार फिर गोवंश की फजीहत होने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों के नुकसान को लेकर किसानों द्वारा शहरों में खदेड़ा जा रहा है, तो शहर के लोग इन्हें हाईवे पर भगा देते हैं। ऐसे में मवेशियों के कारण शहरी यातायात प्रभावित होने लगा है, वहीं हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों से दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है।
आवारा मवेशियों को लेकर नपा प्रशासन लॉकडाउन के पहले अभियान चला कर गायों को गोशालाओं में भिजवाया था, लेकिन सोयाबीन की फसलों में अंकुरण होने के बाद एक बार फिर यह समस्या खड़ी हो गई। नपा कर्मचारियों के अनुसार शहर में इस समय करीब 500-700 के बीच मवेशियों के 50 से अधिक झुंड अलग अलग चौराहों पर मंडराते रहते हैं। इन मवेशियों की संख्या दिन में तो कम रहती है, लेकिन रात को अचानक बढ़ जाती है।
जो रात के समय निकलने वाले वाहन चालकों के कारण दुर्घटनाओं का करण भी बन जाते हैं। रविवार रात महूपुरा चौराह पर रोहित राठौर नामक युवक एक बछड़े से टकराकर गिर गया। वह तो गनीमत रही की टक्कर के बाद युवक अपनी साइकिल से कूद गया।
दो बाइक सवार घायल
शहर और ग्रामीण क्षेत्र से खदेड़े जाने के बाद मवेशियों के झुंडों ने अब हाईवे पर अपना ठिकाना बना लिया है। सनकोटा से टुकराना जोड़ तक सड़क के बीच मवेशी बैठे रहते हैं। ऐसी स्थिति में शनिवार रात बायपास क्षेत्र में दो बाइक सवार और मवेशियों को बचाने में ट्रक चालक ने गायों को टक्कर मार दी। हालांकि कोतवाली के आरक्षक राम बामनिया और हेमंत सोलंकी मौके पर पहुंच गए और बाइक सवार युवकों को अस्पताल पहुंचा दिया।
शहरी क्षेत्र में यातायात बाधित
शहरी क्षेत्र में मवेशियों से यातायात बाधित होने लगा है। खास तौर पर नई सड़क और चौक बाजार में मवेशियों के कारण जाम की स्थिति बन जाती है। यातायात प्रभारी सूबेदार सत्येंद्र राजपूत ने बताया मवेशियों की समस्या को लेकर नपा सीएमओ को पत्र लिखा जाएगा। ताकि इन्हें मुख्य सड़क से हटाया जा सके। नपा सीएमओ भूपेंद्र दीक्षित के मुताबिक मवेशियों की समस्या को लेकर लगातार अभियान चलाया जाता है। पूर्व में भी 800 से अधिक गायों को गोशालाओं में छोड़ा था। एक बार फिर अभियान शुरू किया जाएगा। इसके पहले पशुपालकों को चेतावनी की मुनादी भी कराई जाएगी। साथ ही कुछ कर्मचारियों को सड़क से मवेशियों को हटाने के लिए तैनात भी किया जाएगा।
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