Kamal Nath On Shivraj Singh Chauhan and Narendra Modi Govt Over Madhya Pradesh Basmati GI Tagging | कमलनाथ ने कहा- पंजाब के मुख्यमंत्री वहां के किसानों की लड़ाई लड़ रहे, जो कुछ हुआ केन्द्र व राज्य में भाजपा की सरकार के समय हुआ

Kamal Nath On Shivraj Singh Chauhan and Narendra Modi Govt Over Madhya Pradesh Basmati GI Tagging | कमलनाथ ने कहा- पंजाब के मुख्यमंत्री वहां के किसानों की लड़ाई लड़ रहे, जो कुछ हुआ केन्द्र व राज्य में भाजपा की सरकार के समय हुआ


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Kamal Nath On Shivraj Singh Chauhan And Narendra Modi Govt Over Madhya Pradesh Basmati GI Tagging

भोपाल17 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा- बासमती चावल को जीआई टेग मिले मैं व मेरी सरकार सदैव पक्षधर रही है।

  • 2018 में जीआई रजिस्ट्री ने मध्यप्रदेश को बासमती उत्पादक राज्य मानने से इंकार किया
  • अगस्त 2019 में हमारी सरकार ने सुनवाई के दौरान शासन की ओर से अपना पक्ष रखा था

मध्य प्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैगिंग को लेकर मध्य प्रदेश और पंजाब आमने सामने आ गए हैं। पंजांब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज कई ट्वीट कर अपना विरोध जताया है। इधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि केन्द्र व राज्य में भाजपा की सरकार के दौरान ही 5 मार्च 2018 को जीआई रजिस्ट्री ने मध्यप्रदेश को बासमती उत्पादक राज्य मानने से इंकार किया। हमने हमारी 15 माह की सरकार में इस लड़ाई को दमदारी से लड़ा। अगस्त 2019 में इस प्रकरण में हमारी सरकार के समय हुईं सुनवाई में हमने दृढ़ता से शासन की ओर से अपना पक्ष रखा था। पंजाब के मुख्यमंत्री वहां के किसानों की लड़ाई लड़ रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जी आई टैग मिले इसे लेकर मैं व मेरी सरकार सदैव पक्षधर रही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है ‘मध्यप्रदेश के बासमती चावल को जी.आई टैग मिले, मैं व मेरी सरकार सदैव से इसकी पक्षधर रही है और मैं आज भी इस बात का पक्षधर हूं कि यह हमें ही मिलना चाहिये। मैं सदैव प्रदेश के किसानों के साथ खड़ा हूँ , उनके हितों के लिये लड़ता रहूंगा, इसमें कोई सोचने वाली बात ही नहीं है। बासमती चावल को जी.आई.टैग मिले, इसकी शुरुआत ऐपिडा ने नवम्बर 2008 में की थी। उसके बाद 10 वर्षों तक प्रदेश में भाजपा की सरकार रही। जिसने इस लड़ाई को ठीक ढंग से नहीं लड़ा। जिसके कारण हम इस मामले मे पिछड़े।’

उन्होंने आगे लिखा है ‘केन्द्र व राज्य में भाजपा की सरकार के दौरान ही 5 मार्च 2018 को जीआई रजिस्ट्री ने मध्यप्रदेश को बासमती उत्पादक राज्य मानने से इंकार किया। प्रदेश हित की इस लड़ाई में अपनी सरकार के दौरान 10 वर्ष पिछडऩे वाले आज हमारी 15 माह की सरकार पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, कितना हास्यास्पद है। हमने हमारी 15 माह की सरकार में इस लड़ाई को दमदारी से लड़ा। अगस्त 2019 में इस प्रकरण में हमारी सरकार के समय हुईं सुनवाई में हमने दृढ़ता से शासन की ओर से अपना पक्ष रखा था। पंजाब के मुख्यमंत्री वहाँ के किसानों की लड़ाई लड़ रहे हैं।

मैं प्रदेश के किसानों के साथ खड़ा हूं, सदैव उनकी लड़ाई को लड़ूँगा। इसमें कांग्रेस-भाजपा वाली कुछ बात नहीं है। इस हिसाब से तो केन्द्र में तो वर्तमान में भाजपा की सरकार है, फिर राज्य की अनदेखी क्यों हो रही है?।’

0





Source link