Brijendra Singh Rathore On Shivraj Singh Chouhan Government Says Liquor Selling at a Higher Price Than MRP In Madhya Pradesh | प्रदेश में एमआरपी से ऊंचे दामों पर बेची जा रही शराब, सैनिटाइजर की कर चोरी मामले में व्यापारी जेल में पर अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं

Brijendra Singh Rathore On Shivraj Singh Chouhan Government Says Liquor Selling at a Higher Price Than MRP In Madhya Pradesh | प्रदेश में एमआरपी से ऊंचे दामों पर बेची जा रही शराब, सैनिटाइजर की कर चोरी मामले में व्यापारी जेल में पर अधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं


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भोपाल9 घंटे पहले

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बृजेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में शराब की दुकानों पर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसके प्रमाण मेरे पास उपलब्ध हैं, परंतु आबकारी विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।

  • उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार थी उस समय ठेकेदारों को शराब की जो दुकानें आवंटित की गई थी, उनमें से 70 प्रतिशत ठेकेदार दुकानों को छोड़ चुके हैं
  • उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में आज शराब की बिक्री प्रिंट रेट से अधिक दाम पर की जा रही है

कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने कहा है कि प्रदेश सरकार और शराब ठेकेदारों की मिलीभगत से एमआरपी से अधिक दामों पर शराब बेची जा रही है। ये पैसा कहां जा रहा है? उन्होंने कहा कि सैनिटाइजर की कर चोरी में एक व्यापारी को तो सरकार ने जेल में डाल दिया लेकिन इसमें किसी अधिकारी की कोई जबावदेही तय क्यों नहीं की गई और उन कार्यवाही क्यों नहीं की गई? ये आरोप बृजेन्द्र सिंह सिंह ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश सरकार पर लगाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार थी उस समय ठेकेदारों को शराब की जो दुकानें आवंटित की गई थी, उनमें से 70 प्रतिशत ठेकेदार दुकानों को छोड़ चुके हैं। कांग्रेस सरकार ने जो नीति बनाई थी उस नीति को खत्म करने की नियत से भाजपा सरकार ने कई बार आबकारी नीति में संशोधन करने के प्रयास किए। तीन बार टेंडर रोक दिए गए। तीनों बार शराब ठेकेदारों को भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई नीति का लाभ नहीं मिला। जिस कारण खर्च की गई राशि का भी नुकसान ठेकेदारों को झेलना पड़ा है। कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई आबकारी नीति को ही प्रदेश में लागू करना पड़ा जिसके चलते ठेकेदारों ने दुकानें कब्जे में ले लीं और नए सिरे से दुकानें खोलकर शराब की बिक्री मनमाने दामों पर शुरू कर दी हैं।

प्रिंट रेट से अधिक दाम पर की जा रही शराब की बिक्री

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में आज शराब की बिक्री प्रिंट रेट से अधिक दाम पर की जा रही है। इसकी जानकारी प्रदेश के वाणिज्य कर मंत्री जगदीश देवड़ा सहित आबकारी विभाग के आला अधिकारियों को भी दी गई है। मदिरा का निर्धारित विक्रय मूल्य निर्धारित न्यूनतम विक्रय मूल्य सेलिंग प्राइस इसे मैं मिनिमम सपोर्टिंग प्राइस मानता हूं इसी में मैक्सिमम रिटेल प्राइस भी है। निर्धारित से कम और अधिकतर विक्रय मूल्य के बीच की विक्रय दरों पर मदिरा के विक्रय किए जाने का संबंधी प्रावधान आबकारी नियमों में है। इन प्रावधानों के उल्लंघन पर इसे गंभीर प्रकृति की अनियमितता मानते हुए पहली और दूसरी बार की शिकायत मिलने पर 1 से लेकर 5 दिन की अवधि तक के लिए मदिरा दुकान की अनुज्ञप्ति निलंबित की जाती है और 2 बार से अधिक उल्लंघन होने पर वर्ष की शेष अवधि के लिए लाइसेंस निरस्त किये जाने का प्रावधान है।

अधिकारी की कोई जबावदेही तय क्यों नहीं की गई
बृजेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में शराब की दुकानों पर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसके प्रमाण मेरे पास उपलब्ध हैं, परंतु आबकारी विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। एक तरह से जनता की जेब काटी जा रही है और शासन को चूना लगाया जा रहा है इसका क्या कारण है इसे सरकार को स्पष्ट करना चाहिये? वहीं सैनिटाइजर की कर चोरी में एक व्यापारी को तो आपने जेल में डाल दिया लेकिन इसमें किसी अधिकारी की कोई जबावदेही तय क्यों नहीं की गई और उन कार्यवाही क्यों नहीं की गई?
सरकार बताये, आज तक इस संबंध में कितने प्रकरण कायम किए गए हैं? और इन प्रकरणों पर क्या कार्रवाई की गई है? क्या यह गंभीर आर्थिक अपराध नहीं है? मैं उपरोक्त अनियमितताओं पर तुरंत कार्रवाई की अपेक्षा करता हूं। कार्रवाई नहीं होने की दशा में हमारी पार्टी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

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