The Group of Ministers formed will be implemented from September 1, the road map of self-reliant MP | मंत्री समूह गठित एक सितंबर से लागू होगा आत्मनिर्भर मप्र का रोडमैप

The Group of Ministers formed will be implemented from September 1, the road map of self-reliant MP | मंत्री समूह गठित एक सितंबर से लागू होगा आत्मनिर्भर मप्र का रोडमैप


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भोपाल18 मिनट पहले

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  • मंत्री समूह 25 अगस्त तक अपना ड्राफ्ट देगा
  • नीति आयोग से विचार कर 31 तक ड्राफ्ट फाइनल होगा
  • जॉब पोर्टल शुरू होगा, युवा उद्यमी योजना भी नई

आत्मनिर्भर मप्र का रोडमैप 1 सितंबर से लागू हो जाएगा। इसे पूरा करने के लिए तीन वर्ष का लक्ष्य तय किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बीते चार दिन से चल रही वेबिनार शृंखला में विषय विशेषज्ञों ने कई सुझाव दिए हैं। इन सुझावों पर विचार करने के लिए सरकार मंत्री समूह गठित करेगी, जो 25 अगस्त तक अपना ड्राफ्ट सरकार को देगी। इस ड्राफ्ट पर नीति आयोग के सदस्यों के साथ मंथन कर 31 अगस्त तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि रोजगार के लिए एकीकृत जॉब पोर्टल शुरू किया जाएगा। जबकि उद्योग लगाने के इच्छुक युवाओं के लिए युवा उद्यमी योजना को नए सिरे से क्रियान्वित करेंगे। हमारी कोशिश है कि हर व्यक्ति को योग्यता के अनुसार रोजगार मिले और वह इतना सक्षम बने कि दूसरों को रोजगार दे। उद्योगों की स्थापना को इतना सरल बना दिया जाएगा कि हम कह सकें ‘स्टार्ट यूअर बिजनेस इन 30 डेज’। ‘आउट ऑफ बजट फंड’ के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाई जाएगी।

एग्रीकल्चर प्रोसेसिंग काे बढ़ावा दें
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि मप्र की एसजीडीपी में कृषि का हिस्सा 42% है, लेकिन उस पर आधारित उद्योगों की कमी है। कृषि उत्पाद प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना होगा। पर्यटन व ई-कामर्स को भी बढ़ावा देने की जरूरत है।

प्रदेश के रह जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाने चाहिए। विषय विशेषज्ञ एस गुरुमूर्ति ने कहा कि मप्र बीमारू राज्य से विकसित और समृद्ध् बन गया है।कृषि के साथ अन्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि मप्र की स्थिति ऐसी है, जो आत्मनिर्भरता में सफलता प्राप्त करने की दृष्टि से काफी अनुकूल है। नीति आयोग के सदस्य प्रो रमेश चन्द्र टांक ने सुझाव दिया कि आत्मनिर्भर मप्र के लिए वर्तमान परिस्थिति में अर्थव्यवस्था व रोजगार पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

हर जिले की खूबी को दुनिया तक पहुंचाएंगे

शिवराज सिंह ने कहा कि लोकल को वोकल बनाने का संकल्प पूरा करेंगेे। प्रदेश में निमाड़ अंचल में मिर्च, मूंग वकपास, चंबल अंचल में सरसों व गजक, शाजापुर-आगर मालवा, मंदसौर व बैतूलमें संतरा, बुरहानपुर में केला, मंदसौर वनीमच में लहसुन उत्पादन की विशेषताएं हैं। इनको विशेष ब्रांड बनाना है। चंदेरी, महेश्वर व धार के बाग प्रिंट और वस्त्र निर्माण की खूबियों को दुनिया तक पहुंचाएंगे। धार्मिक पर्यटन के लिए महाकालेश्वर, रामराजा मंदिर, दतिया, मैहर, सलकनपुर आदि का विकास किया जाएगा। नर्मदा पथ व राम वन गमन पथ को विकसित किया जाएगा।

चार समूह, जिन्हें चार वरिष्ठ मंत्री लीड करेंगे

  • भौतिक अधोसंरचना समूह में गोपाल भार्गव व अन्य मंत्री होंगे, इसके समन्वयक अधिकारी आईसीपी केशरी रहेंगे।
  • सुशासन समूह में नरोत्तम मिश्रा व अन्य मंत्री होंगे, इसके समन्वयक अधिकारी एसएन मिश्रा रहेंगे।
  • शिक्षा व स्वास्थ्य समूह में विश्वास सारंग व अन्य मंत्री होंगे, इसके समन्वयक अधिकारी मोहम्मद सुलेमान रहेंगे।
  • अर्थव्यवस्था व रोजगार समूह में जगदीश देवड़ा व अन्य मंत्री होंगे, इसके समन्वयक अधिकारी राजेश राजौरा रहेंगे।

वेबिनार से निकले पांच मूल मंत्र

  • सीएसआर कम्पिटीटिवनेस, सस्टेनेबिलिटी एवं रैजिलियंस)
  • सबके लिए पढ़ाई, कमाई , एक जिला एक पहचान , जॉब इन एग्री टू जॉब अराउंड एग्री , लोकल फॉर वोकल।

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