बैतूल जिले के उत्तर वन मंडल के भौंरा क्षेत्र में कई दिनों से दहशत फैला रहे एक तेंदुए को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) की विशेष टीम ने 24 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित पकड़ लिया है। तेंदुए को पकड़ने के बाद एसटीआर टीम उसे निर्धारित स्थान के लिए रवाना हो गई, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत महसूस की। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब सात बजे चार वर्षीय आर्यन अपने पिता अनिल उइके के साथ घर से बाहर गया था। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक बच्चे पर हमला कर दिया। हमले में आर्यन की गर्दन और पीठ पर गहरे घाव हो गए। परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत के चलते उसे भोपाल रेफर किया गया। बच्चे का इलाज जारी है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक विनोद वर्मा ने बताया कि यह वही तेंदुआ है जिसे कुछ माह पहले एसटीआर टीम ने पिपरिया क्षेत्र से रेस्क्यू कर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में छोड़ा था। उस समय यह शावक अवस्था में था, लेकिन जंगल में खुद को स्थापित न कर पाने के कारण यह पिछले तीन महीनों से रिहायशी इलाकों के आसपास भटक रहा था। घटना के बाद वन विभाग ने एसटीआर की विशेष टीम, वन अमले और डॉक्टरों के साथ मिलकर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दो बार के असफल प्रयासों के बाद, तीसरे प्रयास में प्रशिक्षित हाथियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ा गया। सफल रेस्क्यू के बाद भौंरा क्षेत्र सहित आसपास के गांवों में शांति का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग और एसटीआर टीम की तत्परता की सराहना की है।
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