Corona warriors Devendra Pal Wife become Sub-Inspector in Police Department | शहीद देवेंद्र पाल की पत्नी पीएचक्यू में एसआई बनीं; टीआई यशवंत पाल की बेटी भी एसआई बनकर उज्जैन पुलिस में शामिल हुईं

Corona warriors Devendra Pal Wife become Sub-Inspector in Police Department | शहीद देवेंद्र पाल की पत्नी पीएचक्यू में एसआई बनीं; टीआई यशवंत पाल की बेटी भी एसआई बनकर उज्जैन पुलिस में शामिल हुईं


इंदौर2 मिनट पहले

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भोपाल में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सुषमा चंद्रवंशी को नियुक्ति पत्र सौंपा।

  • मुख्यमंत्री शिवराज ने दोनों ही परिवार को 50 लाख की मदद और एसआई की नौकरी देने का ऐलान किया था
  • गृहमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दोनों को नियुक्ति पत्र सौंपा, फाल्गुनी उज्जैन जिला पुलिस में पदस्थ

कोरोना वॉरियर शहीद थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार चंद्रवंशी की पत्नी सुषमा चंद्रवंशी और टीआई यशवंत पाल की बेटी को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उप निरीक्षक के पद पर नियुक्ति दी गई। चंद्रवंशी की पत्नी सुषमा को गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में नियुक्ति पत्र सौंपा। सुषमा को भोपाल पीएचक्यू, जबकि फाल्गुनी को उज्जैन पुलिस में नियुक्ति दी गई। चंद्रवंशी और पाल की शहादत के बाद राज्य शासन की ओर से परिवार को सुरक्षा कवच के रूप में 50 लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया था। इसी कड़ी में 15 अगस्त को इनका नियुक्ति पत्र सौंपा गया। उस समय चंद्रवंशी जूनी थाने में और पाल उज्जैन के नीलगंगा थाने के टीआई थे।

डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र के साथ चंद्रवंशी का परिवार।

शहीद कोरोना देवेंद्र चंद्रवंशी की पत्नी सुषमा चंद्रवंशी को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक समारोह में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्हें भोपाल के स्पेशल ब्रांच बीएचयू में पदस्थापना मिली। नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए परिजनों ने कहा कि वह जल्द ही सुषमा का तबादला सीहोर करवाने की कोशिश करेंगे। चंद्रवंशी की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी कनिष्का 17 साल की है जो नीट की तैयारी कर रही है। वहीं, छोटी अनुष्का 15 साल की है जो अभी 10वीं में है। बड़ी बेटी अपने पापा के सपनों को पूरा करने में लगी है। चंद्रवंशी उसे कहा करते थे कि बेटा बड़े होकर डॉक्टर ही बनना।

देवेंद्र चंद्रवंशी अपनी दोनों बेटियों और पत्नी सुषमा के साथ।

फाल्गुनी अब उज्जैन पुलिस में एसआई
वहीं, उज्जैन के नीलगंगा थाने के टीआई शहीद यशवंत पाल की पत्नी मीना पाल ने बताया कि बेटी फाल्गुनी को उज्जैन में जिला पुलिस बल में सब इंस्पेक्टर पद पर नियुक्ति मिली है। फाल्गुनी अभी 25 साल की है। उसके पिता का सपना था कि वह आईपीएस ऑफिसर बने। अभी तो वह पुलिस में रहकर अपनी सवाएं देगी। वहीं, पाल की छोटी बेटी ईशा बीकॉम फाइनल में है।

फाल्गुनी अपने पिता की ही तरह उज्जैन पुलिस में अपनी सेवाएं देंगी।

पुलिस लाइन में पिता का कटआउट देख सैल्यूट कर आगे बढ़ी थी बेटी
शहीद हुए नीलगंगा टीआई यशवंत पाल को खोने के बाद उनकी तस्वीर से लिपटकर रोने वाली बेटी इतनी साहसी है कि पिता की शहादत के 8वें दिन पुलिस भर्ती के लिए फिटनेस टेस्ट देने के लिए उज्जैन पहुंची थी। पुलिस लाइन में पिता का श्रद्धांजलि वाला कटआउट देख आंखें नम हुई पर उन्हें सैल्यूट कर वह आगे बढ़ी थी। शहीद पाल की पत्नी तहसीलदार मीना पाल ने कहा था कि पति ने कभी फर्ज से मुंह नहीं मोड़ा। बीमार होने पर भी ड्यूटी करते रहे। जब वेंटीलेटर पर थे, तब भी मुस्कुराते रहे। जब फर्ज को इतना महत्व देते थे तो बेटी कैसे पीछे रहेगी। वह पिता की जगह फर्ज का दायित्व निर्वहन करेगी। फाल्गुनी ने कहा- मुझे मेरे पिता पर गर्व है, वे हमें बहुत प्यार करते थे।

19 अप्रैल को चंद्रवंशी का हुआ था निधन
45 वर्षीय थाना प्रभारी का 19 अप्रैल को निधन हो गया था। इंस्पेक्टर देवेंद्र चंद्रवंशी जूनी थाने के प्रभारी थे। वे पिछले 19 दिन से अरविंदो अस्पताल में भर्ती थे। टीआई चंद्रवंशी की पहली कोरोना रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में 13 और 15 अप्रैल की रिपोर्ट निगेटिव आईं। अस्पताल प्रबंधन के प्रमुख डॉ. विनोद भंडारी का कहना था कि चंद्रवंशी की मौत का मुख्य कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्म रहा। चंद्रवंशी के निधन के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने परिवार को 50 लाख रुपए की मदद देना का ऐलान किया है। साथ ही पत्नी को सब इंसपेक्टर के पद पर नियुक्ति देने की घोषणा भी की थी।

पाल सीएए के खिलाफ उज्जैन के बेगमबाग में चल रहे धरने में लंबे समय से ड्यूटी करते रहे थे।

21 अप्रैल को इंदौर में टीआई पाल ने अंतिम सांस ली थी
कोरोना संक्रमण के शिकार होकर जान गंवाने वाले नीलगंगा इलाके के तत्कालीन थाना प्रभारी यशवंत पाल (59) 10 दिन इंदौर के अरबिंदो हॉस्पिटल में भर्ती रहे। पाल सीएए के खिलाफ उज्जैन के बेगमबाग में चल रहे धरने में लंबे समय से ड्यूटी कर रहे थे। फिर कोरोना संक्रमित क्षेत्र अंबर कॉलोनी में ड्यूटी की। तबीयत बिगड़ने पर दवाएं लेकर फर्ज निभाते रहे। 6 अप्रैल को संक्रमण की पुष्टि हाेने के बाद उन्हें आरडी गार्डी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। 6 दिन बाद इंदौर शिफ्ट किया गया। 21 अप्रैल को सुबह 5.45 बजे वे शहीद हो गए। पाल की पत्नी मीना पाल तहसीलदार हैं। छोटी बेटी ईशा अभी पढ़ाई कर रही हैं।

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