former indian cricket MS Dhoni was groaning with pain on the ground still MSD won india by hitting a six | मैदान में दर्द से कराह रहे थे धोनी, फिर भी टीम इंडिया को दिलाई शानदार जीत

former indian cricket MS Dhoni was groaning with pain on the ground still MSD won india by hitting a six | मैदान में दर्द से कराह रहे थे धोनी, फिर भी टीम इंडिया को दिलाई शानदार जीत


नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया. 15 साल के अपने क्रिकेट करियर के दौरान धोनी ने कई ऐसी पारियां खेली और करिश्मे किए जिनको लेकर एम एस धोनी को क्रिकेट की दुनिया में हमेशा याद किया जाएगा. क्रीज पर जब तक धोनी मौजूद रहते थे तब तक सामने वाली टीम का जितना मुश्किल रहता था. 

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लेकिन एक क्रिकेटर के जीवन में चोटों का साया हमेशा बना रहता है और काफी बार तो कई क्रिकेटर्स ने घायल होने के बावजूद मैच खेलें. कुछ ऐसी ही मिसाल माही ने अपने क्रिकेट करियर के दौरान पेश की थी, जब वह मैदान पर दर्द से करहा रहे थे और उसके उपरांत उन्होंने टीम इंडिया को अपने स्टाइल में छक्का लगाकर विजेता बनाया था. दरअसल यहां चर्चा हो रही है साल 2013 की जब भारतीय टीम वेस्टइंडीज के दौरे पर गई थी. इस कैरेबियन दौरे पर टीम इंडिया को महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में मेजबान विंडीज और श्रीलंका टीम के साथ एक ट्राई सीरीज खेलनी थी. 

इस ट्राई सीरीज के बीच में धोनी को अपनी कमर की चोट से जूझता देखा गया. जिसकी वजह से धोनी कुछ मुकाबले खेल नहीं पाए थे. लेकिन सीरीज का फाइनल मुकाबला भारत और श्रीलंका के बीच था, धोनी फिट नहीं थे, लेकिन टीम की खातिर वह मैदान पर उतरे. टीम इंडिया के गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 201 रनों पर ऑल आउट कर दिया. धोनी ने विकेट के पीछे 4 शिकार किए. 202 रनों का लक्ष्य का पीछा करते-करते आखिर में नौबत एक ओवर में 15 रनों पर आ गई और भारत का महज एक विकेट बचा था. धोनी और इशांत पर क्रीज पर थे.

श्रीलंकाई कप्तान ऐंजलो मैथ्यूज ने आखिरी ओवर पेसर शमिंडा इरंगा को थमाया. स्ट्राइक पर धोनी थे, इरंगा ने पहली स्लोवर वन गेंद ऑफ स्टंप के बार फेंकी जिसे माही जज नहीं कर पाए और गेंद खाली निकल गई, अब 5 गेंदों में 15 रनों की दरकार थी, श्रीलंकाई टीम को लगने लगा कि वह यह खिताबी मुकाबला आसानी से जीत जाएगी. लेकिन वो ये भूल गए कि अनहोनी को होनी करना ही धोनी का काम है. इसके बाद धोनी ने इरंगा को रिमांड पर लेते हुए दूसरी बॉल को गेंदबाज के सर के ऊपर से 6 रनों के लिए भेजा दिया और इस शॉट के साथ माही का जादू शुरू हो गया. 

उसके बाद धोनी ने तीसरी बॉल को पॉइंट के ओवर से चौका और चौथी बॉल को एक्ट्रा कवर के ऊपर से सिक्स में तब्दील कर भारत को यह खिताबी मुकाबला महज तीन बॉलों में 15 रन बनाकर जिता दिया. हालांकि बल्लेबाजी करते वक्त काफी बार धोनी को पीठ के दर्द से करहाते हुए देखा गया, लेकिन माही ने हार नहीं और टीम इंडिया को एक ऐतिहासिक जीत दिला दी. धोनी ने 52 गेंदों पर 5 चौके और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 45  रन बनाए और अपनी इस मैच जिताउ पारी के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ भी चुना गया था. 





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