सावन-भादों के हर सोमवार को महाकाल की शाही सवारी निकाली जाती है.
कोरोना (Corona) का असर महाकाल (Mahakal) की शाही सवारी पर भी दिखा. आम लोगों के इसमें शामिल होने पर रोक थी. इसलिए सवारी के लाइव कवरेज की व्यवस्था की गयी थी.
महाकाल की आज की शाही सवारी शाम 4 बजे से निकलना शुरू हुई. सिंधिया परिवार की ओर से पारंपरिक पूजन में ज्योतिरादित्य सिंधिया रामघाट में शामिल हुए. सिंधिया शिप्रा नदी पहुंचकर सवारी का पूजन किया उनके साथ कृषि मंत्री कमल पटेल और उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव भी थे. कोरोना संक्रमण के कारण सवारी में आम श्रद्धालुओं के शामिल होने पर पूरी तरह प्रतिबंध है. सवारी के लाइव दर्शन के लिए प्रशासन ने महाकालेश्वर एप लॉन्च किया है.
भोलेनाथ का शानदार स्वागत
बाबा महाकाल पूरे वैभव और धूम धाम से नगर भ्रमण पर निकलें. सवारी का मार्ग पहले की तरह रहा. मंदिर समिति और प्रशासन ने सवारी के लिए जोरदार तैयारी की थी. पूरे रास्ते में कलात्मक, सांस्कृतिक, प्राचीन स्वरुप दर्शन की यादगार व्यवस्था की थी. पूरे रास्ते में आलीशान कार्पेट, रंगोली के साथ फूल, रंग बिरंगे ध्वज, सतरंगी आतिशबाजी के साथ भगवान श्री भोलेनाथ के प्रतीकों त्रिशूल, शंख, डमरू सजाए गए थे. सवारी की पारंपरिक में तोपची,सलामी गार्ड, घुड़सवार दल, पुलिस बैंड, नगाड़े, शहनाई, पुजारी, शामिल थे.
लाइव कवरेज
भगवान श्री महाकाल के चंद्रमौलेश्वर स्वरुप और मनमहेश स्वरूप के साथ ही रथ पर सभी पारंपरिक मुखौटे रखे गए थे. महाकाल का पवित्र क्षिप्रा के घाट पर जलाभिषेक और पूजन किया गया. महाकाल की शाही सवारी में क्योंकि लोगों के शामिल होने पर रोक थी इसलिए स्थानीय केबल, यू-ट्यूब, मंदिर ऐप, वेबसाइट, फेसबुक पेज, ट्विटर के साथ ही कई लोकल चैनल से इसका लाइव कवरेज किया गया.